भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी अनुसंधान केन्द्र, आगरा में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य पर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-आईआईएसडब्ल्यूसी अनुसंधान केन्द्र, आगरा में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य पर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

13 अप्रैल, 2026, आगरा, उत्तर प्रदेश

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केन्द्र, आगरा, द्वारा मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी) पहल के अंतर्गत आगरा जिले के अकोला ब्लॉक स्थित ग्राम मुंडेरा में “संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य” विषय पर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के ज्ञान को संतुलित उर्वरक प्रयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विशेष रूप से सब्जी एवं फल उत्पादन में जैविक उर्वरकों के समावेश के महत्व पर जोर दिया, जिससे मृदा उर्वरता बनी रहे और दीर्घकालिक उत्पादकता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, तरल एवं नैनो उर्वरकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया, जो मृदा स्वास्थ्य सुधारने तथा फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं।

वक्ताओं ने रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करने की आवश्यकता बताई तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।

One-Day Awareness Programme on Balanced Fertilizer Use and Soil Health Organised under MGMG at ICAR-IISWC RC, Agra

चर्चा के दौरान ऐसे लागत प्रभावी कृषि उत्पादन तंत्रों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया, जिनसे निवेश लागत कम हो और उत्पादकता बनी रहे।

यह कार्यक्रम ज्ञान प्रसार एवं किसान सहभागिता का प्रभावी मंच सिद्ध हुआ, जिसने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया तथा अधिक टिकाऊ एवं आर्थिक रूप से लाभकारी कृषि की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया।

कार्यक्रम में कुल 72 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 18 पुरुष एवं 54 महिलाएं शामिल थीं। यह सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और उन्नत कृषि तकनीकों के प्रति बढ़ती जागरूकता का परिचायक है।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केन्द्र, आगरा)

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