8 जुलाई, 2026, असम
भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईएआरआई), असम ने डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज धेमाजी जिले के गोगामुख स्थित मिंग मंग गांव और मणिपुरी गांव में किसानों के बीच उन्नत पूसा गेंदा किस्मों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक फील्ड डे का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा उच्च उपज देने वाली गेंदा किस्मों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि करना था।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को गेंदा की खेती के अनेक लाभों के बारे में जागरूक किया गया, जिनमें पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन के लिए ट्रैप फसल के रूप में इसका उपयोग, रसोई बगीचों में इसकी भूमिका तथा एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) में अल्पावधि लाभकारी नकदी फसल के रूप में इसका समावेश शामिल है। वैज्ञानिकों ने स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों में उन्नत गेंदा किस्मों की उत्पादन क्षमता तथा उनकी प्रबंधन पद्धतियों का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को खेत स्तर पर प्रदर्शन तथा व्यापक अपनाने को बढ़ावा देने के लिए पूसा पर्व, पूसा दीप और पूसा उत्सव की गुणवत्तापूर्ण पौध वितरित की गई। कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी वर्तमान कृषि प्रणाली में गेंदा की खेती को शामिल करने में गहरी रुचि व्यक्त की। इस पहल से क्षेत्र में फसल विविधीकरण को मजबूती मिलने, सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलने तथा किसान समुदाय के लिए अतिरिक्त आजीविका के अवसर सृजित होने की अपेक्षा है।
(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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