भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र (एनईएच), उमियाम ने सभी सात बहन राज्यों के पहाड़ी किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय भाषाओं में अभिनव पॉडकास्ट पहल शुरू की है। इन पॉडकास्ट का उद्देश्य सुलभ, आवश्यकता-आधारित और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जानकारी प्रदान कर कृषि की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने को बढ़ावा देना तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना है।
विभिन्न विषयों और क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक प्लेलिस्ट तैयार की गई है, जिसमें सूअर पालन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, बागवानी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैविक कृषि पद्धतियां, अन्य पशुधन एवं पशु तथा पौध संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं। यह सुव्यवस्थित प्लेलिस्ट दर्शकों को अपनी रुचि के अनुसार पॉडकास्ट चुनने और देखने की सुविधा प्रदान करती है। इसी प्रकार, हिंदी, अंग्रेजी, खासी, मणिपुरी और नागामीज सहित पांच भाषाओं/बोलियों के आधार पर भी अलग-अलग प्लेलिस्ट तैयार की गई हैं।

डॉ. जी. कादिरवेल, निदेशक, भाकृअनुप आरसी-एनईएच, ने बताया कि मिजोरम, असमिया/बंगाली, गारो, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की अन्य छह से सात क्षेत्रीय बोलियों/भाषाओं में रिकॉर्डिंग और अपलोडिंग की प्रक्रिया जारी है, ताकि क्षेत्र के सभी किसानों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, संस्थान के प्रौद्योगिकी मूल्यांकन एवं क्षमता निर्माण प्रभाग के प्रमुख ने पुनः दोहराया कि पॉडकास्ट के माध्यम से वीडियो वार्ताओं के अतिरिक्त, भविष्य में सभी क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों में छोटे शैक्षणिक वीडियो भी विकसित किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को शिक्षित किया जा सके। सूचना प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘फार्मर्स टॉक’ की एक अलग प्लेलिस्ट भी बनाई गई है, क्योंकि किसानों द्वारा साझा की गई जानकारी अन्य किसानों के लिए अत्यंत विश्वसनीय होती है।

उन्होंने बताया कि पॉडकास्ट चैनल पर दर्शकों की कुल संख्या 2.1 लाख तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभ में पॉडकास्ट केवल अंग्रेजी में रिकॉर्ड किए जाते थे क्योंकि अधिकांश शिक्षित किसान अंग्रेजी समझते हैं। हालांकि, जब किसानों की स्थानीय बोली (खासी) में रिकॉर्ड किया गया एक पॉडकास्ट सर्वाधिक दर्शकों द्वारा देखा गया, तब भविष्य के पॉडकास्ट भी स्थानीय बोलियों में रिकॉर्ड करने को प्राथमिकता दी गई।
(स्रोत: भाकृअनुप अनुसंधान परिसर फॉर एनईएच, उमियाम, मेघालय)







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