22 अप्रैल, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-10, हैदराबाद, के अंतर्गत आज उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर एक व्यापक अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया, जिसने विभिन्न स्तरों पर मजबूत जनसंपर्क, समन्वय और प्रभाव का प्रदर्शन किया।
इस अभियान में 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) को शामिल किया गया, जिसके माध्यम से 39 जागरूकता कार्यक्रम तथा 2 क्षेत्र स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन पहलों के माध्यम से 1,632 किसानों से प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित किया गया, जबकि कुल भौतिक पहुंच 2,620 किसानों तक रही। इसके अतिरिक्त, 279 किसानों ने तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्रों का दौरा किया, जो किसानों तथा विस्तार तंत्र के बीच मजबूत होते संबंधों को दर्शाता है।

विशेष रूप से, अभियान में डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करते हुए 1,51,771 किसानों तक पहुंच बनाई गई, जिससे बड़े स्तर पर जागरूकता का प्रसार हुआ। क्षेत्रीय गतिविधियों और डिजिटल माध्यमों के समन्वय से ज्ञान हस्तांतरण को व्यापक बनाया गया तथा महत्वपूर्ण कृषि सलाहों की उपलब्धता बढ़ी।
ब्रह्मसमुद्रम में किसानों और अधिकारियों को असंतुलित उर्वरक उपयोग के दुष्प्रभावों तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित सिफारिशों को अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। वहीं, नरसरावपेट में आयोजित विस्तार कार्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 136 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया तथा 38 मृदा नमूने एकत्र किए गए। कार्यक्रम में मृदा परीक्षण फसल प्रतिक्रिया (एसटीसीआर), मृदा परीक्षण आधारित सिफारिशें (एसटीबीआर) तथा फसल-विशिष्ट समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) पद्धतियों पर विशेष बल दिया गया।

समग्र रूप से, इस अभियान ने संतुलित उर्वरीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, वैज्ञानिक मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को प्रोत्साहित करने तथा क्षेत्र में टिकाऊ और लागत प्रभावी कृषि पद्धतियों को अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-10, हैदराबाद)







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