भाकृअनुप-अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान पर रिपोर्ट प्रस्तुत

भाकृअनुप-अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान पर रिपोर्ट प्रस्तुत

8 मई, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद, के अंतर्गत 8 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर चलाया गया सघन अभियान क्षेत्रीय विस्तार गतिविधियों, किसान प्रशिक्षण तथा व्यापक डिजिटल प्रसार के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। अभियान के अंतर्गत किसान गोष्ठियों एवं क्षेत्रीय गतिविधियों सहित कुल 9 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सीधे 404 किसानों तक पहुंच बनाई गई। इसके अतिरिक्त, 7 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 278 किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद तथा जैव उर्वरकों के उपयोग पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

अभियान के दौरान इंटरफेस बैठकें, हितधारक संवाद, टीवी एवं रेडियो वार्ताएं तथा कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया, जिससे किसानों में जागरूकता एवं संस्थागत समन्वय को मजबूती मिली। विस्तार गतिविधियों के अंतर्गत हरी खाद, जैव उर्वरकों तथा अन्य सतत कृषि पद्धतियों पर कुल 21 प्रदर्शन आयोजित किया गया। साथ ही 182 विशेषज्ञ व्याख्यान, दीवार लेखन एवं पोस्टर प्रदर्शनों के माध्यम से विभिन्न जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। डिजिटल प्रसार इस अभियान की प्रमुख विशेषता के रूप में उभरा, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए 4,12,053 किसानों तक पहुंच बनाई गई। इसके अतिरिक्त, 947 किसानों को प्रत्यक्ष संपर्क एवं परामर्श सेवाओं के माध्यम से लाभान्वित किया गया। समग्र रूप से यह अभियान संतुलित उर्वरक उपयोग एवं सतत पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इनके अपनाने को प्रोत्साहित करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ।

Report on Campaign for Balanced Use of Fertilizers under ICAR-ATARI Zone X, Hyderabad

इसी क्रम में, भाकृअनुप-अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी में 8 मई 2026 को संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर चलाए गए सघन अभियान में सभी 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अभियान ने क्षेत्रीय विस्तार, किसान प्रशिक्षण तथा डिजिटल जागरूकता के सशक्त समन्वय को दर्शाया। अभियान के अंतर्गत किसान गोष्ठियों एवं फील्ड दिवसों सहित कुल 28 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 1,082 किसानों तक प्रत्यक्ष पहुंच बनाई गई। इसके अलावा, 17 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 609 किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद एवं जैव उर्वरक उपयोग पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

अभियान के दौरान 105 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ हितधारक एवं इंटरफेस बैठकें आयोजित की गईं। साथ ही, केवीके वैज्ञानिकों द्वारा टीवी एवं रेडियो वार्ताएं तथा कुल 336 विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। विस्तार गतिविधियों के अंतर्गत हरी खाद, जैव उर्वरकों एवं अन्य सतत पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों पर कुल 69 प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, पूरे जोन में दीवार लेखन एवं पोस्टर अभियानों के माध्यम से भी व्यापक जनजागरूकता फैलाई गई। डिजिटल प्रसार अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए 4,89,531 किसानों तक पहुंच बनाई गई। वहीं, प्रत्यक्ष संपर्क एवं कृषि परामर्श सेवाओं के माध्यम से 2,292 किसानों को लाभान्वित किया गया।

समग्र रूप से यह अभियान जमीनी स्तर की विस्तार गतिविधियों एवं जनसंचार माध्यमों के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके व्यापक अपनाने को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)

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