23 मई 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-X, हैदराबाद, द्वारा समन्वित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में 8 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) की सहभागिता से व्यापक जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान 218 किसानों को शामिल करते हुए कुल 6 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि 101 किसानों को लाभान्वित करने वाले 3 प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संपन्न हुए। इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान एक किसान मेले का भी आयोजन किया गया। केवीके वैज्ञानिकों ने व्हाट्सएप तथा विभिन्न जनसंपर्क मंचों के माध्यम से तकनीकी परामर्श और संदेशों का प्रसार किया, जिसके परिणामस्वरूप व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए 1,23,703 किसानों तक डिजिटल पहुंच स्थापित की गई।

इसके अतिरिक्त 548 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क एवं क्षेत्रीय स्तर की गतिविधियों के माध्यम से पहुंच बनाई गई। सतत उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हरी खाद (2), जैव उर्वरक उपयोग (17) तथा अन्य संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों (2) पर प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, भाकृअनुप–अटारी, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत सहभागी जिलों में इस अभियान के माध्यम से भौतिक एवं डिजिटल दोनों माध्यमों से 1,24,251 किसान संपर्कों तक पहुंच बनाई गई।
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-X, हैदराबाद द्वारा समन्वित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) की सहभागिता से व्यापक जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान 593 किसानों को शामिल करते हुए कुल 12 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि 139 किसानों को लाभान्वित करने वाले 4 प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त 128 किसानों की सहभागिता वाला एक किसान मेला भी आयोजित किया गया। केवीके वैज्ञानिकों ने व्हाट्सएप तथा विभिन्न जनसंपर्क मंचों के माध्यम से तकनीकी परामर्श और संदेशों का प्रसार किया, जिसके परिणामस्वरूप व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए 1,42,191 किसानों तक डिजिटल पहुंच स्थापित की गई।

इसके अतिरिक्त 995 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क एवं क्षेत्रीय स्तर की गतिविधियों के माध्यम से पहुंच बनाई गई। सतत उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हरी खाद (2), जैव उर्वरक उपयोग (17) तथा अन्य संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों (3) पर प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, भाकृअनुप–अटारी, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत सहभागी राज्यों में इस अभियान के माध्यम से भौतिक एवं डिजिटल दोनों माध्यमों से 1,43,186 किसान संपर्कों तक पहुंच बनाई गई।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद)







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