19 मई, 2026, जबलपुर
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–खरपतवार अनुसंधान निदेशालय (भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर), पुणे, द्वारा जबलपुर जिले के पाटन विकासखंड के अनुसूचित जाति बहुल रैथरा गांव में ‘संतुलित उर्वरक उपयोग’ विषय पर किसान–वैज्ञानिक संवाद सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), हरी खाद, जैव उर्वरकों, फसल विविधीकरण तथा फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि मृदा स्वास्थ्य में सुधार, फसल उत्पादकता में वृद्धि तथा दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने उर्वरकों के कुशल उपयोग तथा फसल उत्पादन प्रणालियों में पोषक तत्वों की हानि को कम करने के लिए प्रभावी खरपतवार प्रबंधन पद्धतियों के महत्व पर भी जोर दिया।
संवादात्मक सत्र के दौरान सहभागी किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ सक्रिय चर्चा की तथा सतत कृषि उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरीकरण एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावी किसान संवाद एवं विस्तार गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में सक्रिय योगदान दिया।
इस कार्यक्रम में गांव के सरपंच सहित कुल 34 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 22 पुरुष एवं 12 महिला प्रतिभागी शामिल थे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
(स्रोत: भाकृअनुप–खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर)







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