27 जुलाई, 2026, लखनऊ
भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएफजीआर), लखनऊ और गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से पूर्वी हिमालयी जैव विविधता हॉटस्पॉट की स्थानिक अलंकरणीय स्नेकहेड मछली चन्ना एंड्राओ (Channa andrao) के प्रेरित प्रजनन प्रोटोकॉल का सफल मानकीकरण किया है।
यह अनुसंधान गुवाहाटी विश्वविद्यालय स्थित भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के जीवित मत्स्य जर्मप्लाज्म संसाधन केन्द्र में किया गया। चन्ना एंड्राओ सर्वाधिक व्यापार की जाने वाली अलंकरणीय मछली प्रजातियों में से एक है और यह पूर्वी हिमालय क्षेत्र की स्थानिक प्रजाति है, जिसके कारण इसका संरक्षण और सतत उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हाल ही में फिश फिजियोलॉजी एंड बायोकैमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में जीएनआरएचए (GnRHa) प्रेरण के अंतर्गत खुराक-निर्भर प्रजनन प्रदर्शन, भ्रूणीय विकास तथा मुख-प्रजनन (माउथब्रूडिंग) व्यवहार के आधार पर अलंकरणीय स्नेकहेड मछली चन्ना एंड्राओ के बंदी प्रजनन (कैप्टिव ब्रीडिंग) की रणनीतियों के विकास की जानकारी दी गई है।
यह उपलब्धि जंगली स्रोतों से संग्रहण का एक सतत विकल्प प्रदान करती है, जिससे चन्ना एंड्राओ के व्यावसायिक बीज उत्पादन को संभव बनाया जा सकेगा साथ ही इस महत्वपूर्ण स्थानिक अलंकरणीय मछली प्रजाति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)







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