30 जून, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–एनएमआरआई), हैदराबाद ने आज विकास कार्ययोजना अनुसूचित जनजाति (डीएपीएसटी) के अंतर्गत तेलंगाना के नलगोंडा जिले के हटियाथांडा गांव में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मिर्यालगुडा के विधायक श्री बथुला लक्ष्मा रेड्डी मुख्य अतिथि तथा तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य श्री शंकर नायक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में दोनों अतिथियों ने किसानों की आय बढ़ाने तथा दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सतत कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती, वैज्ञानिक पशुपालन प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन को अपनाने के महत्व पर बल दिया।

तेलंगाना सरकार के पशुपालन विभाग के अपर निदेशक तथा तेलंगाना शीप फेडरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. सुब्बा रायुडु ने ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में पशुपालन की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा किसानों को बेहतर उत्पादकता के लिए वैज्ञानिक पशुपालन प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. एस.बी. बारबुद्धे, निदेशक, भाकृअनुप–एनएमआरआई, ने किसानों के साथ संवाद किया तथा संस्थान द्वारा जैविक पशुपालन, प्राकृतिक खेती, मांस उत्पादन, पशुधन संसाधनों के उपयोग, मूल्य संवर्धन तथा सुरक्षित मांस उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक पशुधन उत्पादन, पशु उप-उत्पादों के कुशल उपयोग तथा एकीकृत कृषि प्रणाली के महत्व पर विशेष बल दिया।

यह कार्यक्रम वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार तथा किसानों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। किसानों ने संवादात्मक सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा पशुधन उत्पादन एवं सतत कृषि के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में गहरी रुचि व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिक हस्तक्षेपों तथा किसान-केन्द्रित पहलों के माध्यम से कृषि एवं पशुधन क्षेत्रों को सुदृढ़ बनाने के प्रति सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता दोहराते हुए किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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