भाकृअनुप–एसबीआई, कोयंबटूर द्वारा आयोजित फील्ड डे में किसानों को उन्नत गन्ना किस्में अपनाने के लिए किया गया प्रोत्साहित

भाकृअनुप–एसबीआई, कोयंबटूर द्वारा आयोजित फील्ड डे में किसानों को उन्नत गन्ना किस्में अपनाने के लिए किया गया प्रोत्साहित

19 मार्च, 2026, कोयंबटूर

भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान द्वारा बन्नारी अम्मन शुगर्स लिमिटेड के सहयोग से कोयंबटूर के अन्नूर तालुक के कंजप्पल्ली गांव में नई मध्यम–देर से पकने वाली गन्ना किस्म ‘Co 18009’ पर आधारित एक फील्ड डे का आयोजन किया गया।

किसानों और विस्तार अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. पी. गोविंदराज, निदेशक, भाकृअनुप–एसबीआई ने Co 18009, Co 11015 और Co 14012 जैसी उन्नत गन्ना किस्मों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पुरानी किस्मों में उत्पादकता में कमी, रोगों के प्रति अधिक संवेदनशीलता और किसानों के लिए घटती लाभप्रदता जैसी समस्याएं होती हैं। श्रम की कमी की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय को बनाए रखने के लिए गन्ना खेती में लगभग 75% तक यंत्रीकरण आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान भविष्य में किस्म सुधार प्रक्रिया में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को Co 18009 का बीज सामग्री तथा विस्तार साहित्य वितरित किया गया।

Farmers Encouraged to Adopt Improved Sugarcane Varieties at Field Day Organised by ICAR-SBI, Coimbatore

एस. शन्मुगसुंदरम, उपाध्यक्ष, बन्नारी अम्मन शुगर्स लिमिटेड, ने किसानों के समर्थन के लिए कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दी और अधिक शीघ्र परिपक्व होने वाली तथा क्षेत्र-विशिष्ट किस्मों के विकास को प्रोत्साहित किया।

इससे पूर्व, आईसीएआर–एसबीआई के प्रधान वैज्ञानिक ने बताया कि इस फील्ड डे का उद्देश्य 1.9 एकड़ क्षेत्र में एक प्रगतिशील महिला किसान द्वारा प्रदर्शित Co 18009 किस्म के प्रदर्शन पर किसानों से प्रतिक्रिया प्राप्त करना था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोयंबटूर जिले में लगभग 940 एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही है, जिससे लगभग 38,000 टन उत्पादन का अनुमान है, और ऐसी पहलें किसानों की इस फसल के प्रति रुचि को पुनर्जीवित करने में सहायक होंगी।

Farmers Encouraged to Adopt Improved Sugarcane Varieties at Field Day Organised by ICAR-SBI, Coimbatore

प्रतिभागियों ने श्रीमती निवेधा दुरईसामी द्वारा लगाए गए फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) प्लॉट का भी दौरा किया, जहां उन्होंने 11 महीने की फसल के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इस किस्म की प्रमुख विशेषताओं—जैसे बिना फूल आने की प्रवृत्ति, कम कांटेदारता, अधिक टिलरिंग क्षमता, अधिक इंटरनोड्स और उच्च उत्पादन क्षमता—को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में डॉ. एस. मोहन, राजन, भाकृअनुप–एसबीआई और बन्नारी अम्मन शुगर्स लिमिटेड के अधिकारी, आकाशवाणी के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

(स्रोत: भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर)

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