भाकृअनुप-एसबीआई, कोयंबटूर द्वारा तमिलनाडु के गन्ना किसानों के लिए विज्ञान-आधारित पोषक तत्व एवं कृषि आदान प्रबंधन पर जागरूकता अभियान का किया गया आयोजन

भाकृअनुप-एसबीआई, कोयंबटूर द्वारा तमिलनाडु के गन्ना किसानों के लिए विज्ञान-आधारित पोषक तत्व एवं कृषि आदान प्रबंधन पर जागरूकता अभियान का किया गया आयोजन

20 मई, 2026, कोयंबटूर

भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान (भाकृअनुप-एसबीआई), कोयंबटूर ने बन्नारी अम्मन शुगर्स लिमिटेड के सहयोग से संस्थान की “मेरा गांव, मेरा गौरव” (एमजीएमजी – My Village, My Pride) पहल के अंतर्गत इरोड जिले के अलाथुकोम्बई में गन्ना किसानों के लिए “विज्ञान-आधारित पोषक तत्व एवं कृषि आदान प्रबंधन को अपनाना” विषय पर एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया तथा सतत गन्ना खेती में संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया गया। यह उल्लेख किया गया कि उर्वरक उपभोग के मामले में तमिलनाडु भारतीय राज्यों में 13वें स्थान पर है, जबकि राज्य के उर्वरक उपभोग करने वाले जिलों में इरोड जिले का स्थान पांचवां है। किसानों को पोषक तत्व उपयोग दक्षता बढ़ाने और मृदा स्वास्थ्य में सुधार के लिए जैव उर्वरकों, वर्मी कम्पोस्ट तथा गोबर की खाद जैसे वैकल्पिक पोषक स्रोतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ICAR-SBI, Coimbatore Organises Awareness Campaign on Science-Based Nutrient and Input Management for Sugarcane Farmers in Tamil Nadu

तकनीकी सत्रों में एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश) उर्वरकों के असंतुलित उपयोग के मृदा स्वास्थ्य और गन्ना उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही “जीवामृत” की तैयारी का एक प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। जीवामृत एक पारंपरिक जैविक जैव उर्वरक एवं सूक्ष्मजीव वृद्धि संवर्धक है, जिसे गोबर, गोमूत्र, गुड़, दलहन का आटा, मिट्टी और पानी से तैयार किया जाता है।

कार्यक्रम में “पोटैशियम डिराइव्ड फ्रॉम मोलासेस (पीडीएम)” के लाभों को भी रेखांकित किया गया, जो चीनी उद्योग का एक उप-उत्पाद है और जिसमें लगभग 14.5 प्रतिशत पोटाश होता है। इसे एक सतत एवं स्वदेशी पोषक स्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया। किसानों को नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले तथा फॉस्फेट घुलनशील बनाने वाले जैव उर्वरकों सहित विभिन्न प्रकार के जैव उर्वरकों तथा फॉस्फेट रिच ऑर्गेनिक मैन्योर (पीआरओएम) और फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (एफओएम) जैसे जैविक पोषक स्रोतों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गई।

ICAR-SBI, Coimbatore Organises Awareness Campaign on Science-Based Nutrient and Input Management for Sugarcane Farmers in Tamil Nadu

भाकृअनुप-एसबीआई द्वारा तैयार “गन्ना खेती में प्राकृतिक आदानों का उपयोग” विषयक एक सोशल मीडिया परामर्श कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया तथा व्हाट्सएप के माध्यम से राज्य भर के 14,000 से अधिक गन्ना किसानों तक प्रसारित किया गया।

किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने गन्ना खेती, कटाई संबंधी प्रथाओं तथा रियायती दरों पर जैविक आदानों की उपलब्धता से जुड़े किसानों के प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम स्थल पर गन्ना खेती के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आदानों की एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। अभियान में 85 से अधिक किसानों एवं कृषि आदान विक्रेताओं ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर)

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