भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भाकृअनुप–आईआईएमआर, हैदराबाद में महारिषि की गतिविधियों और उन्नत फेनोमिक्स सुविधाओं की समीक्षा की

भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भाकृअनुप–आईआईएमआर, हैदराबाद में महारिषि की गतिविधियों और उन्नत फेनोमिक्स सुविधाओं की समीक्षा की

1 सितंबर, 2026, हैदराबाद

बाजरा और अन्य प्राचीन अनाजों के संबंध में वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए, डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप तथा महारिषि संचालन समिति के अध्यक्ष ने आज भाकृअनुप–भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान, ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स (श्री अन्न), हैदराबाद का दौरा किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महारिषि (बाजरा और अन्य प्राचीन अनाज अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान पहल) के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की समीक्षा की और भाकृअनुप–आईआईएमआर में महारिषि सचिवालय में आयोजित महारिषि की 5वीं संचालन समिति की बैठक में भाग लिया। इस दौरे से पहल की प्रगति का आकलन करने और वैश्विक बाजरा एवं प्राचीन अनाज पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का अवसर मिला।

Dr M L Jat, Director General, ICAR Reviews MAHARISHI Activities and Advanced Phenomics Facilities at ICAR–IIMR, Hyderabad

महारिषि की 5वीं संचालन समिति की बैठक में महारिषि संचालन समिति के सदस्यों ने एक साथ भाग लिया और चल रही गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रभावी कार्यान्वयन और भविष्य की दिशा के लिए प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। चर्चाओं में अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने, ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, समन्वित अनुसंधान प्रयासों को सुविधाजनक बनाने तथा बाजरा और अन्य प्राचीन अनाजों की वैश्विक दृश्यता एवं उपयोगिता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। समिति ने आगामी मैजिक 2026 की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया, जिसमें सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने और समन्वित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के माध्यम से महारिषि के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

दौरे के हिस्से के रूप में डॉ. जाट ने भाकृअनुप–आईआईएमआर की उन्नत फेनोमिक्स प्रयोगशाला का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अनुसंधान सुविधाओं और चल रही गतिविधियों की समीक्षा की तथा वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। उन्हें बाजरा अनुसंधान में उन्नत फेनोटाइपिंग दृष्टिकोणों और अनुसंधान अवसंरचना के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, विशेष रूप से व्यवस्थित मूल्यांकन में सहायता करने और फसल सुधार प्रयासों में तेजी लाने की उनकी क्षमता के बारे में बताया गया।

Dr M L Jat, Director General, ICAR Reviews MAHARISHI Activities and Advanced Phenomics Facilities at ICAR–IIMR, Hyderabad

उन्नत फेनोमिक्स सुविधा के दौरे के दौरान उन्होंने नवनिर्मित केंद्रीकृत बाजरा टिशू कल्चर और जीन एडिटिंग सुविधा का भी दौरा किया और उसके बारे में चर्चा की। इस दौरे ने विश्वसनीय अनुसंधान परिणाम उत्पन्न करने और प्रौद्योगिकी-संचालित फसल सुधार को मजबूत करने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों को बाजरा अनुसंधान के साथ एकीकृत करने के महत्व को रेखांकित किया।

इस दौरे ने भाकृअनुप–आईआईएमआर में संस्थान के चल रहे अनुसंधान और संस्थागत पहलों पर वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ बातचीत का भी अवसर प्रदान किया। डॉ. जाट ने वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और बाजरा क्षेत्र में उभरती चुनौतियों एवं अवसरों से निपटने के लिए उन्नत अनुसंधान सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया।

Dr M L Jat, Director General, ICAR Reviews MAHARISHI Activities and Advanced Phenomics Facilities at ICAR–IIMR, Hyderabad

इस दौरे ने बाजरा अनुसंधान एवं नवाचार के केंद्र के रूप में आईसीएआर–आईआईएमआर के महत्व तथा राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर बाजरा एवं अन्य प्राचीन अनाजों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता की पुनः पुष्टि की।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान, राजेंद्रनगर, हैदराबाद)

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