26 अक्टूबर, 2026, बैरकपुर
भाकृअनुप–केन्द्रीय पटसन एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–सीआरआजेएएफ), बैरकपुर, में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के दिशा-निर्देशों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप), नई दिल्ली के निर्देशों के अनुरूप सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना तथा निवारक सतर्कता एवं भ्रष्टाचार मुक्त शासन के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. गौरांग कर, निदेशक, भाकृअनुप–सीआरआईजेएएफ, द्वारा सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाने के साथ हुआ। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. कर ने इस बात पर जोर दिया कि लोक सेवकों को समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने स्थापित प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमों का पालन करने, पेशेवर नैतिकता बनाए रखने और निर्धारित सीमाओं के भीतर आधिकारिक शक्तियों का उपयोग करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने आगे कहा कि सतर्कता केवल भ्रष्टाचार का पता लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अनियमितताओं की रोकथाम, जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेना और पूरे संगठन में सत्यनिष्ठा की संस्कृति को बढ़ावा देना भी शामिल है।
इस आयोजन के अंतर्गत “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, जवाबदेही और निवारक सतर्कता के महत्व पर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना था।
प्रतिभागियों ने भ्रष्टाचार की रोकथाम और सुशासन को बढ़ावा देने में ईमानदारी, जवाबदेही तथा सामूहिक जिम्मेदारी की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। निबंधों का मूल्यांकन विषय के अनुरूप प्रासंगिकता, अभिव्यक्ति की स्पष्टता, विचारों की मौलिकता और समग्र प्रस्तुति के आधार पर किया गया। इस प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों को नैतिक कार्यप्रणालियों को सुदृढ़ करने और कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा की संस्कृति विकसित करने के संबंध में विचारों के आदान-प्रदान का मंच प्रदान किया।

पहले दिन आयोजित गतिविधियों ने पारदर्शिता, नैतिक आचरण और जवाबदेह सार्वजनिक सेवा के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी एवं सामूहिक प्रतिबद्धता के महत्व को सुदृढ़ किया।
इस प्रतियोगिता में संस्थान के कर्मचारियों, अनुसंधान सहयोगियों, वरिष्ठ अनुसंधान अध्येताओं, यंग प्रोफेशनल्स, जूनियर रिसर्च फेलो और विद्यार्थियों सहित कुल 14 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय पटसन एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर)








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