भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान ने ओडिशा में ओएडीएमपी के अंतर्गत ग्राम समितियों के गठन में किया सहयोग

भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान ने ओडिशा में ओएडीएमपी के अंतर्गत ग्राम समितियों के गठन में किया सहयोग

24 अप्रैल, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की एक टीम ने 21 से 23 अप्रैल, 2026 के दौरान ओडिशा  में ओडिशा कृषि सूखा शमन कार्यक्रम (ओएडीएमपी) के अंतर्गत गहन क्षेत्रीय सहभागिता कार्यक्रम संचालित किया। यह पहल राष्ट्रीय आपदा शमन कोष तथा ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग (डीएएफई) के सहयोग से संचालित की जा रही है।

यह कार्यक्रम मयूरभंज जिले के रारुआँ ब्लॉक में लागू किया गया, जहाँ सूखा शमन एवं सतत संसाधन प्रबंधन के लिए ग्राम स्तर पर संस्थागत तंत्र विकसित करने हेतु विशेष प्रयास किए गए। गोडापालासा, भांजकिया और तिलोकोटी ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 26 गाँवों में ग्राम समितियों का सफलतापूर्वक गठन किया गया। इन समितियों को जल, मृदा, फसल, वृक्ष तथा पशुधन प्रणालियों के समेकित प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन समितियों का गठन सहभागितापूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीण समुदायों द्वारा सदस्यों का चयन किया गया। समितियों में छोटे एवं सीमांत किसान, भूमिहीन परिवार, महिला किसान, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के सदस्य, युवा, प्रगतिशील किसान तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों की समावेशी भागीदारी सुनिश्चित की गई।

ICAR–CRIDA, Hyderabad Facilitates Formation of Village Committees under OADMP in Odisha

प्रत्येक ग्राम समिति को ओएडीएमपी टीम तथा संबंधित राज्य विभागों के समन्वय से ग्राम स्तरीय योजनाएं तैयार करने एवं उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत किया जा सके तथा कृषि की स्थिरता में सुधार हो।

दौरे के दौरान भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान की टीम ने रारुआँ ब्लॉक के मृदा संरक्षण अधिकारी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया, ताकि मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियों को परियोजना के उद्देश्यों के अनुरूप समन्वित किया जा सके।

इसके बाद 24 अप्रैल, 2026 को टीम ने भुवनेश्वर में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें सचिन रामचंद्र जाधव भी शामिल रहे। बैठक में ग्राम समितियों के गठन तथा कार्यक्रम के समग्र क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा की गई।

आगामी खरीफ 2026 सीजन की तैयारी के मद्देनजर प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और मूल्य निर्धारण को लेकर नीति रंजन सेन के साथ भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण तथा कृषि उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित विषयों पर बिष्णु प्रसाद मिश्रा के साथ चर्चा की गई।

यह पहल ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों में सामुदायिक नेतृत्व वाले सूखा शमन उपायों को सशक्त बनाने तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान)

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