भाकृअनुप-केवीके, मालदा में संतुलित उर्वरक उपयोग पर गहन अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन

भाकृअनुप-केवीके, मालदा में संतुलित उर्वरक उपयोग पर गहन अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन

17 अप्रैल, 2026, मालदा

भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र (सीआईएसएच) द्वारा भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में “संतुलित उर्वरक उपयोग पर गहन अभियान” विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम भूमि सुपोषण एवं संरक्षण जन अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका मुख्य फोकस मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।

Workshop on Intensive Campaign on Balanced Fertilizer Use Organised at ICAR-KVK, Malda

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, ने कृषि प्रणालियों को अधिक लचीला बनाने तथा दीर्घकालिक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोषक तत्व प्रबंधन में समन्वित और विज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को अपनाने की वकालत की तथा हरी खाद तथा जैविक संसाधनों के माध्यम से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) के सिद्धांतों पर जोर देते हुए उन्होंने एनपीके कॉम्प्लेक्स, सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों सहित उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग की बात कही। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यूरिया और डीएपी के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान विषयगत साहित्य का विमोचन किया गया तथा एफपीओ और एफपीसी प्रतिनिधियों को हरी खाद के बीज वितरित किए गए। चर्चा में कम्पोस्ट, गोबर खाद (एफवाईएम), वर्मी कम्पोस्ट तथा हरी खाद जैसे जैविक संसाधनों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जो मृदा उर्वरता बनाए रखने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को प्रोत्साहित करने में सहायक हैं।

कार्यशाला का समापन जिले भर में संतुलित, आवश्यकता आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने और जागरूकता बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह पहल किसानों और हितधारकों के क्षमता निर्माण तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के माध्यम से सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रभावी मंच साबित हुई।

Workshop on Intensive Campaign on Balanced Fertilizer Use Organised at ICAR-KVK, Malda

 

कार्यशाला में 56 हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की, जिनमें इंग्लिश बाजार एफपीओ, कालियाचक फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी, गाजोल फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी, तथा हबीबपुर महिला फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के बोर्ड सदस्य शामिल थे। इसके अलावा एक क्लस्टर आधारित बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन (सीबीबीओ) के सीईओ, कृषि उद्यमी, इनपुट डीलर और प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)

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