7 मई, 2026, श्री विजयपुरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह
भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र, उत्तर और मध्य अंडमान ने आज केवीके परिसर में ऑयस्टर मशरूम की खेती पर एक फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य द्वीपों के किसानों एवं कृषक महिलाओं के बीच वैज्ञानिक मशरूम उत्पादन तथा फसल अवशेषों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक ऑयस्टर मशरूम उत्पादन पर एक विस्तृत सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सब्सट्रेट तैयारी, स्पॉनिंग, इन्क्यूबेशन, फसल प्रबंधन, कटाई, स्वच्छता बनाए रखना तथा विपणन अवसरों जैसे विषयों को शामिल किया गया। इसमें ग्रामीण परिवारों एवं महिला उद्यमियों के लिए ऑयस्टर मशरूम उत्पादन के पोषणात्मक और आर्थिक महत्व को एक व्यवहारिक आय-सृजन उद्यम के रूप में रेखांकित किया गया।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ फसल अवशेष प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों पर संवाद किया। इस दौरान कृषि अपशिष्टों एवं फसल अवशेषों के प्रभावी उपयोग से वर्मी कम्पोस्ट तथा मशरूम सब्सट्रेट तैयार करने पर बल दिया गया, जिससे कृषि अपशिष्टों के पर्यावरण-अनुकूल पुनर्चक्रण तथा द्वीपीय परिस्थितियों के अनुकूल एकीकृत कृषि प्रणालियों को प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम के दौरान उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। मशरूम उत्पादन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल उत्पादन से संबंधित किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से किया गया।

यह कार्यक्रम डॉ जय सुंदर, कार्यवाहक निदेशक, आईसीएआर-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान के समग्र मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 20 किसानों एवं कृषक महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपनी कृषि गतिविधियों में अपनाने हेतु व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह)







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