30 जनवरी, 2026, ओडिशा
भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने जनवरी 2026 में राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि (एनडीएमएफ) के तहत ओडिशा कृषि सूखा न्यूनीकरण कार्यक्रम (ओएडीएमपी) पहल के लिए कृषि और किसान सशक्तिकरण विभाग (डीएएएफई), ओडिशा सरकार, के साथ एक एमएओ (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया। ओएडीएमपी को कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग (डीएएफएफ), ओडिशा सरकार, द्वारा आज भुवनेश्वर, ओडिशा, में आयोजित राज्य स्तरीय इनसेप्शन वर्कशॉप के दौरान लॉन्च किया गया।

इस कार्यक्रम का लक्ष्य ओडिशा के तीन सूखा प्रभावित जिलों को जलवायु लचीलापन बनाना, उत्पादकता बढ़ाना तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईएसएटी), भाकृअनुप-क्रीडा एवं अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के तकनीकी सहयोग से, यह कार्यक्रम नुआपाड़ा जिले, नबरंगपुर जिले तथा मयूरभंज जिले के पहचाना गया ब्लॉकों में छोटे, सीमांत, आदिवासी, महिला और युवा किसानों को लक्षित करते हुए लागू किया जाएगा। यह कार्यक्रम विज्ञान-आधारित योजना, तालमेल और सामुदायिक स्वामित्व पर केन्द्रित है, जिससे लगभग 24,000 परिवारों को लाभ होगा, उनकी आजीविका मजबूत होगी तथा पलायन कम होगा।

श्री के.वी. सिंह देव, उप मुख्यमंत्री, ओडिशा सरकार, डॉ. अरबिंद कुमार पाधी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ओडिशा सरकार, डॉ. प्रभात कुमार राउल, कुलपति, ओयूएटी, डॉ. वी.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद, डॉ. केवी राव, प्रधान वैज्ञानिक और प्रमुख (टीआरएम), भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद, डॉ. जी वेंकटेश, प्रधान वैज्ञानिक, भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद, डॉ. शालिंदर कुमार, उप ग्लोबल रिसर्च प्रोग्राम निदेशक, आईसीआरआईएसएटी, हैदराबाद, डॉ. स्वाति नायक, वैज्ञानिक, आईआरआरआई, श्री शुभ्रांशु मिश्रा, अतिरिक्त सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए), भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के प्रतिनिधि, केवीके के वैज्ञानिक, राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम के लॉन्च के दौरान राज्य स्तरीय इनसेप्शन वर्कशॉप में उपस्थित थे।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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