भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर अभियान की रिपोर्ट

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर अभियान की रिपोर्ट

5 मई, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद, के अंतर्गत 5 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश के 08 जिलों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर चलाया गया सघन अभियान क्षेत्रीय विस्तार, क्षमता निर्माण तथा डिजिटल प्रसार के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। 8 कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) द्वारा कुल 10 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सीधे 482 किसानों तक पहुँचा गया, जबकि 6 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 263 किसान लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, एक किसान मेले तथा तीन संवाद/हितधारक बैठकों के माध्यम से 40 प्रतिभागियों को जोड़ा गया, जिससे किसान–वैज्ञानिक संवाद मजबूत हुआ तथा वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा मिला।

अभियान के अंतर्गत 9 विशेषज्ञ व्याख्यान, हरी खाद एवं सतत पोषक तत्व प्रबंधन पर 6 प्रदर्शन तथा भित्ति चित्रों एवं पोस्टर प्रदर्शनों जैसी जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। डिजिटल प्रसार अभियान का प्रमुख माध्यम बनकर उभरा, जिसके तहत व्हाट्सएप, फेसबुक तथा अन्य माध्यमों के जरिए 2,23,311 किसानों तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुँच बनाई गई। इसके साथ ही प्रत्यक्ष संपर्क एवं क्षेत्रीय संवाद के माध्यम से 1,123 किसानों को भी जोड़ा गया। समग्र रूप से इस अभियान ने पूरे जोन में उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूकता एवं अपनाने की प्रवृत्ति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया।

Report on Campaign for Balanced Use of Fertilizers under ICAR-ATARI Zone X, Hyderabad

इसी प्रकार, आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद, के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु एवं पुडुचेरी में 5 मई 2026 को संचालित उर्वरकों के संतुलित उपयोग संबंधी सघन अभियान में सभी 72 कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) शामिल हुए, जिसने क्षेत्रीय विस्तार, क्षमता निर्माण एवं डिजिटल प्रसार के मजबूत समन्वय को प्रदर्शित किया। कुल 44 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सीधे 2,463 किसानों तक पहुँचा गया, जबकि 16 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 666 किसान लाभान्वित हुए।

अभियान के अंतर्गत 3 किसान मेले आयोजित किए गए, जिनमें 745 किसानों ने भाग लिया। साथ ही, अनेक हितधारक एवं संवाद बैठकों में 77 प्रतिभागियों ने भागीदारी की, जिससे किसान–वैज्ञानिक संबंधों को मजबूती मिली तथा वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा मिला। विस्तार गतिविधियों के तहत हरी खाद, जैव उर्वरकों एवं अन्य सतत कृषि पद्धतियों पर 43 प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, 202 विशेषज्ञ व्याख्यान, भित्ति चित्र, पोस्टर प्रदर्शन एवं जागरूकता अभियान भी संचालित किए गए।

डिजिटल प्रसार अभियान का प्रमुख आधार बनकर उभरा, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए 2,61,164 किसानों तक सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक पहुँच बनाई गई। इसके साथ ही प्रत्यक्ष संपर्क एवं क्षेत्रीय गतिविधियों के जरिए 4,577 किसानों तक भी पहुँचा गया। समग्र रूप से इस अभियान ने जनसंचार एवं जमीनी स्तर के हस्तक्षेपों का प्रभावी समन्वय करते हुए पूरे जोन में उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूकता एवं अपनाने की प्रवृत्ति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा दिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद)

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