16 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान द्वारा समन्वित संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर सघन जागरूकता अभियान के अंतर्गत 16 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में व्यापक विस्तार एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान कुल 6 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 368 किसानों तक पहुँच बनाई गई, जबकि 4 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 232 किसान लाभान्वित हुआ।
इसके अतिरिक्त एक प्रतिभागी की सहभागिता के साथ एक संवाद एवं हितधारक बैठक भी आयोजित की गई। कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) के वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रसार माध्यमों के जरिए 116 तकनीकी व्याख्यान एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान कीं। अभियान के अंतर्गत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से 1,10,805 किसानों तक डिजिटल पहुँच बनाई गई, जबकि प्रत्यक्ष संपर्क एवं क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से 717 किसानों को जोड़ा गया।

साथ ही सहभागी जिलों में संतुलित उर्वरक उपयोग एवं टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों पर आधारित 3 प्रदर्शन गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। समग्र रूप से इस अभियान ने आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन - X, हैदराबाद के अंतर्गत आने वाले जिलों में भौतिक एवं डिजिटल दोनों प्रकार की विस्तार गतिविधियों के माध्यम से व्यापक पहुँच सुनिश्चित की।
इसी सघन जागरूकता अभियान के अंतर्गत 16 मई 2026 को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु एवं पुडुचेरी में आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन - X, हैदराबाद के अंतर्गत कार्यरत 72 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की सक्रिय भागीदारी से जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

चारों राज्यों में कुल 19 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 910 किसान लाभान्वित हुए, जबकि 9 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 392 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। केवीके वैज्ञानिकों ने डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से तकनीकी परामर्श एवं जागरूकता संदेशों का व्यापक प्रसार किया। इसके अंतर्गत व्हाट्सएप के माध्यम से 25,052 किसानों, फेसबुक के माध्यम से 15,880 किसानों, एक्स (ट्विटर) के माध्यम से 787 किसानों तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए 1,02,757 किसानों तक पहुँच बनाई गई।
इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष संपर्क एवं विस्तार गतिविधियों के माध्यम से 1,528 किसानों को भी कवर किया गया। समग्र रूप से अभियान के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से 1,44,476 किसानों तक पहुँच बनाई गई, जिसके परिणामस्वरूप भौतिक एवं डिजिटल दोनों माध्यमों से कुल 1,46,004 किसानों तक संपर्क स्थापित किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान)







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