भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद द्वारा प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों पर तृतीय क्षेत्रीय बैठक का आयोजन

भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद द्वारा प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों पर तृतीय क्षेत्रीय बैठक का आयोजन

24 मई, 2026, हैदराबाद

प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों पर तृतीय क्षेत्रीय बैठक का आयोजन आज भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (भाकृअनुप-नार्म), हैदराबाद में डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के 10 भाकृअनुप संस्थानों के निदेशकों, प्रशासन प्रमुखों तथा वित्त प्रमुखों ने भाग लिया।

विचार-विमर्श के दौरान डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कार्य करना एक विशेषाधिकार है, क्योंकि यह क्षेत्र राष्ट्रीय विकास, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा कृषक समुदायों के कल्याण में प्रत्यक्ष योगदान देता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान समय “बिजनेस अनयूजुअल” की दिशा में आगे बढ़ने का है, जिसमें नवाचार केवल अनुसंधान तक सीमित न रहकर प्रशासन और वित्त में भी परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने संस्थानों से गतिविधियों की सावधानीपूर्वक प्राथमिकता तय करने, दक्षता एवं जवाबदेही पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ-साथ समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख निर्णय-निर्माण को समर्थन देने वाली प्रणालियों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने शब्दों एवं कार्यों के प्रति स्वामित्व, रचनात्मक आलोचना, सुधार के प्रति खुलेपन तथा सामूहिक नेतृत्व पर आधारित संस्थागत संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

3rd Zonal Meeting on Administrative and Financial Matters Organised by ICAR-NAARM, Hyderabad

श्री ज्ञानेन्द्र डी. त्रिपाठी, अपर सचिव, डेयर एवं सचिव, भाकृअनुप, श्री संदीप सरकार, अपर सचिव, डेयर एवं वित्तीय सलाहकार, भाकृअनुप तथा भाकृअनुप मुख्यालय के अन्य प्रमुख अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

श्री ज्ञानेन्द्र डी. त्रिपाठी ने ई-ऑफिस के पूर्ण कार्यान्वयन, राजस्व सृजन को सुदृढ़ करने, आत्मनिर्भरता, प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण तथा कृषि अनुसंधान के नए क्षेत्रों की खोज पर बल दिया। उन्होंने नवीनतम नियमों एवं दिशानिर्देशों की स्पष्ट समझ रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, जिससे संस्थानों के स्तर पर समस्याओं का समाधान हो सके और निर्णय लेने में होने वाली देरी कम हो।

श्री संदीप सरकार ने क्षमता उपयोग, पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा तथा खरीद एवं वित्तीय प्रबंधन में सतर्कता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने जोखिम पहचान, वार्षिक खरीद योजना तैयार करने, बजट उपयोग की नियमित समीक्षा, ऑडिट टिप्पणियों के समयबद्ध निपटान तथा टीएसए हाइब्रिड और जेम 2.0 जैसी नई प्रणालियों के लिए तैयारी पर विशेष जोर दिया।

डॉ. गोपाल लाल, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, ने भाकृअनुप मुख्यालय से आए गणमान्य अतिथियों तथा भाकृअनुप संस्थानों से आए प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। बैठक का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप भाकृअनुप संस्थानों में बेहतर प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय अनुशासन तथा उत्तरदायी संस्थागत सुशासन के प्रति भाकृअनुप की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया गया।

“एक संगठन, एक दृष्टिकोण” की परिकल्पना को सुदृढ़ करने के लिए भाकृअनुप की सहभागी प्रबंधन व्यवस्था के अंतर्गत क्षेत्रीय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक ने प्रशासनिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विषयगत क्षेत्रवार चर्चा के लिए एक मंच प्रदान किया, जिसका उद्देश्य संस्थानों को समस्याओं के समाधान में सहायता करना तथा जहां भी अंतराल की पहचान हो, वहां उपयुक्त नीतिगत सुझावों हेतु फीडबैक प्राप्त करना था। इन विचार-विमर्शों का उद्देश्य भाकृअनुप संस्थानों में जमीनी स्तर पर “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” सुनिश्चित करना है। बैठक में निस्तारण के स्तर को कम करने, लिम्ब्स के नियमित अद्यतन, सौरिकीकरण, ऊर्जा बचत, नए श्रम संहिता के अनुपालन, “कम्युनिटी ऑफ प्रैक्टिस” के निर्माण आदि विषयों पर भी चर्चा की गई।

3rd Zonal Meeting on Administrative and Financial Matters Organised by ICAR-NAARM, Hyderabad

संवाद सत्र ने सहभागी संस्थानों को विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों, जिनमें प्रक्रियागत मुद्दे, अनुपालन आवश्यकताएं, वित्तीय प्रबंधन, खरीद संबंधी विषय, स्थापना संबंधी मामले तथा संस्थानों द्वारा सामना की जाने वाली अन्य परिचालन चुनौतियां शामिल थीं, पर चर्चा करने और अपने विचार रखने का अवसर प्रदान किया। भाकृअनुप मुख्यालय से स्थापना, कार्मिक, एकीकृत वित्त प्रभाग, सामान्य प्रशासन, विधिक एवं सतर्कता का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों ने भी अपने-अपने एजेंडा प्रस्तुत किए तथा चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों पर मार्गदर्शन और स्पष्टीकरण प्रदान किया।

बैठक का सफल समन्वय श्री विवेक पुरवार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (एसजी), भाकृअनुप-नार्म; श्री वामपद शर्मा, निदेशक (प्रशासन) तथा श्री संदीप डूडी, अवर सचिव (प्रशासन) द्वारा किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)

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