भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने तमिलनाडु के कृष्णागिरि में रुटैग 2.0 के अंतर्गत ‘प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण मंच’ का किया आयोजन

भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने तमिलनाडु के कृष्णागिरि में रुटैग 2.0 के अंतर्गत ‘प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण मंच’ का किया आयोजन

20 मई, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (नार्म), हैदराबाद, ने आज तमिलनाडु के कृष्णागिरि स्थित आरकेवी रेजीडेंसी में ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह (रुटेग) 2.0 पहल के अंतर्गत “सतत आम गुठली गिरी मूल्य शृंखला निर्माण” विषय पर “प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण मंच का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा प्रेरित एवं समर्थित किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. पी.एस. हरिकृष्णराज, महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय, ने मंच का उद्घाटन किया तथा मूल्य शृंखला विकास, एफपीओ एवं स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने तथा सतत ग्रामीण आजीविका के समर्थन में नाबार्ड की भूमिका पर बल दिया।

ICAR-NAARM, Hyderabad Organizes ‘Technology Commercialization Forum’ under RuTAG 2.0 at Krishnagiri, Tamil Nadu

विशिष्ट अतिथि डॉ. टी. दामोदरन, निदेशक, भाकृअनुप–केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ, ने आम गुठली गिरी आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए नवाचार, उत्पाद विविधीकरण तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

आम प्रसंस्करण एवं निर्यात क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योग प्रतिनिधियों, श्री डी. उदयकुमार, प्रबंध भागीदार, उधयराज फ्रूट प्रोडक्ट तथा श्री ई. माधवन, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पैयूर ग्रुप ऑफ कंपनीज़ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रसंस्करण क्षेत्र के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित करते हुए ऐसी नवाचारी आम गुठली गिरी प्रौद्योगिकियों को अपनाने में गहरी रुचि व्यक्त की, जिनकी व्यावसायिक व्यवहार्यता सिद्ध हो चुकी है और जो सतत व्यावसायिक अवसर प्रदान करती हैं। इस अवसर पर अग्रणी भाकृअनुप संस्थानों तथा शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

डॉ. गोपाल लाल, कार्यवाहक निदेशक, भाकृअनुप-नार्म ने सतत आम गुठली गिरी मूल्य शृंखला विकास के लिए बहु-हितधारक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा नवाचार एवं व्यावसायीकरण के माध्यम से कृषि अपशिष्ट को मूल्य संवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस कार्यक्रम में उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विकासात्मक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा किसान समूहों ने भी भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सतत आम गुठली गिरी मूल्य शृंखला स्थापित करने तथा ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

ICAR-NAARM, Hyderabad Organizes ‘Technology Commercialization Forum’ under RuTAG 2.0 at Krishnagiri, Tamil Nadu

आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित आम बीज डिकॉर्टिकेटर का प्रत्यक्ष प्रदर्शन प्रोफेसर वरुण द्वारा किया गया, जिसमें गिरी निष्कर्षण की इसकी क्षमता तथा श्रमभार कम करने की उपयोगिता का प्रदर्शन किया गया। मंच का समापन प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण, बाजार संपर्क, मूल्य संवर्धन तथा आम उत्पादक समुदायों की आजीविका संवर्धन के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ।

इस मंच में पाँच राज्यों की 35 से अधिक संस्थाओं एवं संगठनों से कुल 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विविध हितधारकों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)

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