10 जून, 2026, कोलकाता
खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत “स्थायी मृदा स्वास्थ्य एवं उन्नत फसल उत्पादकता के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग” विषय पर एक राष्ट्रीय जागरूकता कार्यशाला का आज यहां सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हितधारकों में वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा टिकाऊ मृदा स्वास्थ्य संबंधी पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि फसल उत्पादकता में सुधार किया जा सके।

डॉ. डी.बी. शाक्यवार, निदेशक, भाकृअनुप-निनफेट, ने अपने स्वागत संबोधन में मृदा उर्वरता बनाए रखने तथा सतत कृषि विकास सुनिश्चित करने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. एस.एन. दास, निदेशक, पश्चिम बंगाल के सामेती (SAMETI), ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और हितधारकों के अधिकतम लाभ के लिए भाकृअनुप-निनफेट एवं सामेती के बीच सहयोगात्मक प्रयासों पर बल दिया।
‘स्थायी कृषि के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन’ तथा ‘समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (INM): जैविक एवं अजैविक पोषक तत्व स्रोतों का संयोजन’ विषयों पर प्रस्तुतियाँ दी गईं और प्रस्तुतियों के उपरांत प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की।

इस अवसर पर मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग से संबंधित एक (01) प्रशिक्षण पुस्तिका एवं तीन (03) सूचना-पत्रकों का विमोचन किया गया तथा उन्हें प्रतिभागियों के बीच वितरित किया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में कुल 114 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 80 कृषि आदान विक्रेता तथा पश्चिम बंगाल के सामेती के 5 अधिकारी शामिल थे।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें