भाकृअनुप-निनफेट, कोलकाता ने प्राकृतिक रेशे आधारित वीगन लेदर प्रौद्योगिकी बेंगलुरु स्थित उद्यम को की हस्तांतरित

भाकृअनुप-निनफेट, कोलकाता ने प्राकृतिक रेशे आधारित वीगन लेदर प्रौद्योगिकी बेंगलुरु स्थित उद्यम को की हस्तांतरित

17 अगस्त, 2026, कोलकाता

भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (भाकृअनुप-निनफेट), कोलकाता, ने आज संस्थान में समझौता ज्ञापन (एमओए) के आदान-प्रदान के माध्यम से अपनी प्राकृतिक रेशा आधारित वीगन लेदर प्रौद्योगिकी बेंगलुरु स्थित मेसर्स श्रेयस्काम प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित की। यह प्रौद्योगिकी प्राकृतिक रेशों से मूल्यवर्धित वीगन लेदर सामग्री विकसित करने के लिए एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण प्रदान करती है, जो पारंपरिक चमड़े और पेट्रोलियम आधारित सिंथेटिक सामग्रियों का एक विकल्प उपलब्ध कराती है।

एमओए का आदान-प्रदान डॉ. डी.बी. शक्यवार, निदेशक, भाकृअनुप-निनफेट और श्री श्रेयस के.एम., प्रबंध निदेशक, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मेसर्स श्रेयस्काम प्राइवेट लिमिटेड की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर फर्म के सह-संस्थापक एवं निदेशक श्री अखिलेश एन. भी उपस्थित रहे। एमओए के आदान-प्रदान के दौरान आईसीएआर-निनफेट के वरिष्ठ अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से प्राकृतिक रेशों के व्यावसायीकरण और मूल्यवर्धन में तेजी आने की उम्मीद है, साथ ही उद्यमिता तथा टिकाऊ सामग्री आधारित उद्यमों के विकास के अवसर भी सृजित होंगे। इस प्रौद्योगिकी का उपयोग जूते, बैग, फैशन सहायक उपकरण तथा अन्य जीवनशैली उत्पादों में किया जा सकता है, जो पारंपरिक चमड़े और पेट्रोलियम से प्राप्त सिंथेटिक सामग्रियों के लिए अधिक हरित विकल्प प्रदान करता है।

यह पहल उद्योग और अनुसंधान के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा भाकृअनुप द्वारा विकसित नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह देश में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, टिकाऊ सामग्री विकास, प्राकृतिक रेशों के मूल्यवर्धन और हरित उद्यमों को बढ़ावा देने के प्रति आईसीएआर-निनफेट की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता)

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