8 सितंबर, 2026, कालाहांडी
भाकृअनुप-केन्द्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर ने आज ओडिशा के कालाहांडी स्थित फिनस्पायर हैचरी में टीएसपी/एसटीसी योजना के तहत “सतत जलीय कृषि उत्पादन के लिए कार्प और मीठाजल झींगा की उन्नत किस्में” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आनुवंशिक रूप से उन्नत जलीय कृषि प्रजातियों और वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
भाकृअनुप-सीआईएफए के वैज्ञानिकों ने आनुवंशिक रूप से उन्नत कार्प किस्मों, उन्नत मीठाजल झींगा पालन तथा ब्रूडस्टॉक और नर्सरी प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए। गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, वैज्ञानिक पालन पद्धतियों और सतत जलीय कृषि तकनीकों पर जोर दिया गया।

एक संवादात्मक किसान–वैज्ञानिक सत्र में प्रतिभागियों को बीज की उपलब्धता, पालन पद्धतियों, रोग प्रबंधन और बाजार के अवसरों पर चर्चा करने का अवसर मिला। कार्यशाला ने किसानों, हैचरी संचालकों, मत्स्य अधिकारियों और शोधकर्ताओं के बीच संपर्क को मजबूत किया तथा जनजातीय क्षेत्रों में उन्नत जलीय कृषि तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला में कालाहांडी जिले के सभी 13 ब्लॉकों से 150 जनजातीय मछली किसानों और हैचरी मालिकों ने भाग लिया, जिसमें 50 महिला प्रतिभागी शामिल थीं। इसके साथ ही, ओडिशा सरकार के मत्स्य विभाग के 10 अधिकारियों ने भी भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें