29 सितंबर, 2026, कोच्चि
फेंकी गई सामग्रियों को कला में बदलने, एक्वेरियम की दीवारों को समुद्री जीवों के भित्तिचित्रों से सजाने और मानव श्रृंखलाओं के माध्यम से लोगों को एकजुट करने के साथ, भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि ने स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत स्वच्छता, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मजबूत करने के लिए कई नवीन गतिविधियां अपनाई हैं।
“स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” अभियान की थीम के तहत, आईसीएआर-सीएमएफआरआई ने आज अपने कोच्चि मुख्यालय में ‘कबाड़ से कला’ प्रतियोगिता और प्रदर्शनी का आयोजन किया।

इस पहल में स्टाफ सदस्यों और अनुसंधान विद्वानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने इस्तेमाल की गई कांच की बोतलों, आइसक्रीम स्टिक, पिस्ता के छिलकों, प्लास्टिक की बोतलों और ढक्कनों तथा अन्य अपशिष्ट सामग्रियों जैसी फेंकी गई वस्तुओं का उपयोग करके आकर्षक कलाकृतियां और सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। इन कृतियों को प्रतियोगिता के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया, जहां अन्य स्टाफ सदस्यों ने प्रदर्शनी का दौरा किया और कलात्मक प्रयासों की सराहना की।
इस पहल ने प्रदर्शित किया कि सामान्यतः अपशिष्ट मानी जाने वाली सामग्रियों को रचनात्मकता के माध्यम से एक नया उद्देश्य दिया जा सकता है, जिससे पुन: उपयोग और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के संदेश को बल मिला।

अभियान में एक और रचनात्मक आयाम जोड़ते हुए, भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के विझिंजम क्षेत्रीय केंद्र ने विझिंजम स्थित सागरिका एक्वेरियम में भित्तिचित्र कला पहल शुरू की। एक्वेरियम की दीवारों को समुद्री जीवों को दर्शाने वाले भित्तिचित्रों से सजाया जा रहा है, ताकि आगंतुकों में समुद्री जीवन और समुद्री पर्यावरण के संरक्षण के महत्व के बारे में अधिक जागरूकता पैदा की जा सके। यह एक्वेरियम बड़ी संख्या में आगंतुकों वाला केंद्र है, जहां हर वर्ष 10,000 से अधिक लोग आते हैं। इससे संरक्षण का संदेश व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
अभियान के तहत भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के विशाखापत्तनम, विझिंजम और मंडपम स्थित क्षेत्रीय केंद्रों में मानव श्रृंखला जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता, साफ-सफाई, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन, कूड़ा फैलाने की रोकथाम और स्वच्छ सार्वजनिक एवं तटीय क्षेत्रों को बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने तटीय और समुद्री पर्यावरण की रक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को रेखांकित करने के लिए एक-दूसरे का हाथ थामा।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)







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