भाकृअनुप-सीसीआरआई, नागपुर ने सिट्रस की स्वच्छ रोपण सामग्री पर राष्ट्रीय कार्यशाला का किया आयोजन

भाकृअनुप-सीसीआरआई, नागपुर ने सिट्रस की स्वच्छ रोपण सामग्री पर राष्ट्रीय कार्यशाला का किया आयोजन

25 जुलाई 2026, नागपुर

भाकृअनुप–केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीसीआरआई), नागपुर, ने राष्ट्रीय स्वच्छ पौध कार्यक्रम (सीपीपी) के अंतर्गत अपने परिसर में सिट्रस की स्वच्छ रोपण सामग्री पर कार्यशाला-सह-नर्सरी स्वामी सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यशाला में भारत के बारह प्रमुख साइट्रस उत्पादक राज्यों से नर्सरी स्वामियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों तथा किसानों ने भाग लिया और देश में रोगजनकों से मुक्त साइट्रस रोपण सामग्री के उत्पादन एवं आपूर्ति को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री नितिन गडकरी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार, ने वैज्ञानिक साइट्रस खेती तथा स्वच्छ रोपण सामग्री के उत्पादन को बढ़ावा देने में भाकृअनुप-सीसीआरआई के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रमाणित एवं रोग-मुक्त नर्सरी पौधों तक किसानों की पहुंच बागानों की उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा भारत के साइट्रस उद्योग की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों, वैज्ञानिक नर्सरी पद्धतियों तथा गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों के एकीकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

ICAR-CCRI, Nagpur Organizes National Workshop on Clean Planting Material of Citrus

श्री गडकरी ने संस्थान के अनुसंधान, नवाचार एवं विस्तार गतिविधियों को आगे बढ़ाने में डॉ. दिलीप घोष के अनुकरणीय नेतृत्व एवं समर्पित प्रयासों की भी सराहना की। आईसीएआर-सीसीआरआई की वृद्धि एवं विकास तथा भारतीय साइट्रस क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में मंत्री ने उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. घोष को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागियों के पंजीकरण एवं नेटवर्किंग के साथ हुआ, जिसके पश्चात उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए डॉ. दिलीप घोष, निदेशक, भाकृअनुप-सीसीआरआई, ने सिट्रस की उत्पादकता, स्थिरता एवं निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने देशभर में रोग-मुक्त एवं शुद्ध-प्रकार (True-to-Type) सिट्रस रोपण सामग्री के उत्पादन एवं वितरण के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली स्थापित करने में राष्ट्रीय स्वच्छ पौध कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर संस्थान के कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया, जिनमें इंडियन सिट्रिकल्चर ई-मैगजीन, स्वच्छ पौध कार्यक्रम पर तकनीकी बुलेटिन तथा “एशियन साइट्रस इंडस्ट्री: ग्रोथ एंड सस्टेनेबिलिटी” शीर्षक पुस्तक शामिल हैं।

तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में स्वच्छ रोपण सामग्री उत्पादन तथा साइट्रस नर्सरी विकास के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमाणित सिट्रस नर्सरी प्रणालियों को सुदृढ़ करने की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों एवं अवसरों पर विचार-विमर्श किया।

ICAR-CCRI, Nagpur Organizes National Workshop on Clean Planting Material of Citrus

एक संवादात्मक सत्र ने नर्सरी स्वामियों, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों एवं सरकारी अधिकारियों को नर्सरी मान्यता, रोगजनक-मुक्त रोपण सामग्री के उत्पादन, रोग निदान, प्रमाणन मानकों तथा आधुनिक नर्सरी प्रौद्योगिकियों को अपनाने से संबंधित व्यावहारिक मुद्दों पर चर्चा करने का मंच प्रदान किया। विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि देशभर में उच्च गुणवत्ता वाली सिट्रस रोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अनुसंधान संस्थानों, सरकारी एजेंसियों एवं निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

यह कार्यशाला प्रमाणित एवं रोगजनक-मुक्त रोपण सामग्री के उत्पादन एवं प्रसार के माध्यम से स्वस्थ साइट्रस बागानों को बढ़ावा देने के भाकृअनुप-सीसीआरआई के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुई, जिससे भारत के साइट्रस उद्योग की सतत वृद्धि एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बल मिलेगा।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, नागपुर)

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