भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा में कुलागर कृषि तथा काजू ट्रेसबिलिटी के नीति प्रारूपों पर ऑनलाइन हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन

भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा में कुलागर कृषि तथा काजू ट्रेसबिलिटी के नीति प्रारूपों पर ऑनलाइन हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन

27 अगस्त, 2026, गोवा

भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा ने आज संस्थान द्वारा तैयार दो नीति पत्र प्रारूपों पर चर्चा करने और सुझाव प्राप्त करने के लिए एक ऑनलाइन हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया। ये दो नीति पत्र हैं: “गोवा में कुलागर कृषि प्रणाली के सतत पुनरुद्धार के लिए नीति ढांचा” और “गोवा राज्य में काजू ट्रेसबिलिटी के लिए नीति ढांचा”।

Online Stakeholder Consultation Meeting on Policy Drafts for Kulagar Farming and Cashew Traceability Organised at ICAR-CCARI, Goa

इस परामर्श में लगभग 20 हितधारकों ने भाग लिया, जिनमें गोवा के कृषि और बागवानी क्षेत्रों से जुड़े किसान भी शामिल थे। प्रतिभागियों ने कुलागर कृषि प्रणाली को मजबूत करने, स्थिरता और लाभप्रदता में सुधार करने तथा गोवा के काजू क्षेत्र के लिए एक प्रभावी ट्रेसबिलिटी ढांचा स्थापित करने के संबंध में बहुमूल्य सुझाव दिए और अपने विचार साझा किए।

Online Stakeholder Consultation Meeting on Policy Drafts for Kulagar Farming and Cashew Traceability Organised at ICAR-CCARI, Goa

परामर्श के दौरान प्राप्त सुझावों और सिफारिशों की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाएगी और संशोधित नीति प्रारूपों में उन्हें शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया से गोवा की कुलागर कृषि प्रणाली और काजू मूल्य श्रृंखला के सतत विकास के लिए व्यावहारिक, साक्ष्य-आधारित और हितधारक-केंद्रित नीति ढांचे विकसित करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)

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