29 सितंबर, 2026, तिरुवनंतपुरम
राष्ट्रव्यापी स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2026 के एक भाग के रूप में, भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम ने आज गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन किया, जिसमें स्वच्छता के लिए मानव श्रृंखला, कम करें-पुन: उपयोग-रीसाइकिल (आरआरआर) जागरूकता और वेस्ट-टू-आर्ट पर ध्यान केंद्रित किया गया।

स्वच्छता के लिए श्रीकार्यियम–अक्कुलम सार्वजनिक मार्ग के किनारे एक मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 160 भाकृअनुप-सीटीसीआरआई के कर्मचारियों, छात्रों, शोधार्थियों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को बढ़ावा देने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करना था।
कम करें, पुन: उपयोग करें और रीसाइकिल (आरआरआर) पहल पर एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें केरल की सुचित्वा मिशन के एक विशेषज्ञ ने भाग लिया। सत्र में सतत अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने और कचरे के उत्पादन को न्यूनतम करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

वेस्ट-टू-आर्ट पहल के तहत, बेकार पड़ी सामग्रियों को रचनात्मक रूप से उपयोगी और आकर्षक कला मॉडलों में परिवर्तित किया गया। भाकृअनुप-सीटीसीआरआई के छात्रों, शोधार्थियों, परियोजना कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने मॉडलों को तैयार करने और प्रदर्शित करने में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे रचनात्मक पुन: उपयोग और मूल्यवर्धन के लिए अपशिष्ट सामग्रियों की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
इन गतिविधियों ने जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ तथा अधिक टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में सामूहिक कार्रवाई के संदेश को सुदृढ़ किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम)







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