26 मई, 2026, गंगटोक
भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज स्वर्ण जयंती मैत्रेय मंजरी ऑर्किडेरियम का दौरा किया, जो सिक्किम की समृद्ध पुष्पीय विरासत तथा जैव विविधता संरक्षण, इको-टूरिज्म और सतत विकास के प्रति राज्य की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
शहरी विकास विभाग, सिक्किम सरकार के अंतर्गत विकसित तथा भाकृअनुप-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केन्द्र, सिक्किम, के तकनीकी परामर्श सहयोग से स्थापित इस ऑर्किडेरियम में दुर्लभ एवं देशज ऑर्किड प्रजातियों का एक उल्लेखनीय संग्रह है, जो पूर्वी हिमालय की पारिस्थितिक समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।

डॉ. एस.पी. दास, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केन्द्र, ने माननीय राष्ट्रपति को ऑर्किड विविधता, भारत में ऑर्किड की उत्पत्ति एवं महत्व, संस्थान द्वारा संचालित संरक्षण पहलों तथा ऑर्किडेरियम में प्रदर्शित जीवंत ऑर्किड प्रदर्शनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सिक्किम की समृद्ध ऑर्किड संपदा पर भी प्रकाश डाला, जहाँ लगभग 560 ऑर्किड प्रजातियाँ पाई जाती हैं, तथा ऑर्किड संरक्षण एवं सतत उपयोग की दिशा में संस्थान के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया।
दौरे का एक प्रमुख आकर्षण सिम्बिडियम नमो (Cymbidium Namo) नामक ऑर्किड संकर का प्रदर्शन था, जिसका नाम भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्मान में रखा गया है। ऑर्किडेरियम में देशज एवं विदेशी दोनों प्रकार की ऑर्किड प्रजातियाँ प्रदर्शित हैं, जो सिक्किम की असाधारण जैव विविधता तथा पारिस्थितिक संरक्षण एवं सतत पर्यटन विकास के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। दुर्लभ एवं देशज ऑर्किडों की विस्तृत विविधता को संजोए यह केंद्र संरक्षण जागरूकता, इको-टूरिज्म संवर्धन तथा राज्य की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है।

दौरे के दौरान माननीय राष्ट्रपति के साथ सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर, सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम सरकार के शहरी विकास एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री भोज राज राय, मुख्य सचिव श्री आर. तेलंग, शहरी विकास विभाग के आयुक्त-सह-सचिव श्री जितेंद्र सिंह राजे, महापौर सुश्री छेरिंग पाल्देन भूटिया, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा रिज पार्क प्रबंधन टीम के सदस्य उपस्थित थे।
माननीय राष्ट्रपति ने दुर्लभ एवं देशज ऑर्किड प्रजातियों के संरक्षण तथा जैव विविधता संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में ऑर्किडेरियम की भूमिका की सराहना की।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केन्द्र, सिक्किम)







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