भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस समारोह: स्वतंत्रता एवं विकसित भारत@2047 के विजन का उत्सव

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस समारोह: स्वतंत्रता एवं विकसित भारत@2047 के विजन का उत्सव

15 अगस्त, 2026

भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभर में स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के संस्थानों, क्षेत्रीय केन्द्रों तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) में अत्यंत गर्व, देशभक्ति के उत्साह और सम्मान की गहरी भावना के साथ मनाया गया। “विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति” की भावना से आयोजित इन समारोहों में एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए राष्ट्र के सामूहिक संकल्प को प्रतिबिंबित किया गया। इस वर्ष के समारोहों का विशेष महत्व इसलिए भी रहा क्योंकि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी था।

भाकृअनुप तथा इसके कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा संस्थानों के नेटवर्क के लिए स्वतंत्रता दिवस का गहरा महत्व है। आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा कृषि प्रगति, खाद्य सुरक्षा और वैज्ञानिक उन्नति से निकटता से जुड़ी रही है। दशकों से भाकृअनुप ने अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास, शिक्षा और किसान-केंद्रित विस्तार के माध्यम से इस यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम

भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, गराचरमा, श्री विजय पुरम ने अपने मुख्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र, मिनिकॉय और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न केवीके में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया। समारोहों में कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

डॉ. जय सुंदर, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएआरआई, ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भारत के कृषि परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता में भाकृअनुप के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ द्वीपीय कृषि की दिशा में भाकृअनुप-सीआएआरआई के प्रयासों पर जोर दिया, जिनमें 18 फसल एवं मसाला किस्मों की सिफारिश, बाढ़ एवं लवणता-सहिष्णु धान की प्रजाति ‘द्वीप धान-11’ का विकास, तीन पेटेंट, दस डिजाइन पंजीकरण, तीन ट्रेडमार्क और दो कॉपीराइट दाखिल करना तथा दो प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण शामिल है।

Independence Day Celebrations across ICAR Institutes: Celebrating Freedom and the Vision of Viksit Bharat@2047

संस्थान ने मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि, कृषि-मौसम विज्ञान सेवाओं, खेत बचाओ अभियान, वर्मी कम्पोस्टिंग, संसाधन संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपने कार्यों को भी रेखांकित किया। डॉ. सुंदर ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी समुदाय से द्वीपों के कृषक और मछुआरा समुदायों की आजीविका में सुधार के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, पटना

भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, पटना ने अपने परिसर, सब्जपुरा फार्म, एफएसआरसीएचपीआर रांची तथा बक्सर और रामगढ़ स्थित केवीके में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के जोश के साथ मनाया। समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. अनुप दास, निदेशक, भाकृअनुप-आरसीईआर, ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान गाया गया।

स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. दास ने पूर्वी भारत के लिए भाकृअनुप-आरसीईआर के योगदान को रेखांकित किया। इनमें उन्नत किस्मों और उत्पादन प्रौद्योगिकियों, एकीकृत कृषि प्रणालियों, धान के परती क्षेत्र के प्रबंधन, पशुधन एवं मत्स्य पालन, भूमि एवं जल प्रबंधन तथा सामाजिक-आर्थिक और विस्तार प्रौद्योगिकियों का विकास शामिल है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की स्थिरता, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार, ईमानदारी, टीम भावना और टिकाऊ दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।

Independence Day Celebrations across ICAR Institutes: Celebrating Freedom and the Vision of Viksit Bharat@2047

डॉ. दास ने संस्थान के सभी सदस्यों से विकसित भारत और आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र के लिए नए संकल्प एवं उत्कृष्टता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। देशभक्ति, रचनात्मकता और स्वतंत्रता दिवस के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगिताओं और विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। समारोह का समापन भारतीय कृषि और राष्ट्र निर्माण की प्रगति में योगदान देने के लिए नए संकल्प के साथ हुआ।

भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, मुंबई

भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, मुंबई और देशभर में स्थित इसके केंद्रों ने वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह से मनाया। मुख्यालय में डॉ. एन.पी. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-सीफे, ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पोषण सुरक्षा, रोजगार सृजन, ग्रामीण आजीविका, निर्यात तथा ब्लू इकोनॉमी के माध्यम से विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने में मत्स्य पालन और जलीय कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास पर जोर देते हुए डॉ. साहू ने एक्वाप्रेन्योरशिप, स्टार्ट-अप्स तथा अनुसंधान, शिक्षा, उद्योग और कृषक समुदायों के बीच मजबूत संबंधों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता, छात्र उद्यमिता और मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास के प्रति भाकृअनुप-सीफे की प्रतिबद्धता दोहराई।

Independence Day Celebrations across ICAR Institutes: Celebrating Freedom and the Vision of Viksit Bharat@2047

स्वतंत्रता दिवस समारोह संस्थान के रोहतक, कोलकाता, पवारखेड़ा, काकीनाडा, मोतीपुर और बालाभद्रपुरम स्थित केन्द्रों में भी अत्यंत उत्साह के साथ आयोजित किए गए। यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समारोहों, देशभक्ति कार्यक्रमों और अधिकारियों के संबोधनों के माध्यम से स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता, वैज्ञानिक नवाचार, टिकाऊ मत्स्य पालन और राष्ट्र निर्माण के महत्व को रेखांकित किया गया। समारोहों का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

(स्रोत: संबंधित भाकृअनुप संस्थान)

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