14 जुलाई, 2026, डुंगरिया
डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) में खरपतवारयुक्त धान के प्रबंधन पर एक फील्ड डे का आयोजन डुंगरिया गांव में भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर तथा भाकृअनुप-केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान, कटक के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में डीएसआर परिस्थितियों में खरपतवारयुक्त धान के प्रभावी प्रबंधन के लिए शाकनाशी-सहिष्णु धान (एचटीआर) किस्म सीआर 807 के उपयोग का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर की टीएसपी टीम तथा भाकृअनुप-सीआरआरआई, कटक के वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर, जबलपुर के प्रधान वैज्ञानिक एवं टीएसपी के नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने किसानों की आजीविका में सुधार के लिए समेकित खरपतवार प्रबंधन तकनीकों के महत्व तथा टीएसपी हस्तक्षेपों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों का दौरा किया, प्रतिभागियों के साथ संवाद किया तथा डायरेक्ट सीडेड राइस के अंतर्गत खरपतवारयुक्त धान के प्रभावी प्रबंधन के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा की। संभावित एल नीनो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने उपयुक्त फसल एवं जल प्रबंधन उपायों के माध्यम से डीएसआर फसल पर संभावित प्रभाव को कम करने के लिए किसानों के साथ आकस्मिक उपायों पर भी चर्चा की।

टीम ने गांव में चल रही जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) की गतिविधियों की भी समीक्षा की। एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) तथा बैकयार्ड पोल्ट्री पालन घटक के अंतर्गत कड़कनाथ मुर्गी पालन के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया, जो संतोषजनक पाया गया। लाभार्थी किसानों ने इस हस्तक्षेप पर संतोष व्यक्त किया और अपनी आजीविका तथा आय में सुधार में इसके योगदान की सराहना की।
किसानों ने उन्नत प्रौद्योगिकियों को खेत तक पहुंचाने में भाकृअनुप-डीडब्ल्यूआर तथा भाकृअनुप-सीआरआरआई के संयुक्त प्रयासों की सराहना की तथा कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक और लाभकारी बताया।
कार्यक्रम में गांव तथा आसपास के क्षेत्रों के लगभग 70 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान, कटक)







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