18 जून, 2026, पटना
भाकृअनुप-रिसर्च कॉम्प्लेक्स फॉर ईस्टर्न रीजन (भाकृअनुप-आरसीईआर), पटना, ने अपने नॉर्थ ईस्टर्न हिल (एनईएच) कार्यक्रम के तहत दक्षिण त्रिपुरा जिले में किसान रुचि समूहों (एफआईजी) के लिए एक महिला-केन्द्रित क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का विषय था, "ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित मत्स्य-उद्यानिकी आधारित तालाब मत्स्य पालन: एक विस्तार योग्य कृषि व्यवसाय मॉडल", जिसका उद्देश्य एकीकृत मत्स्य और उद्यानिकी आधारित कृषि प्रणालियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है।
इस पहल का उद्देश्य एक सतत कृषि मॉडल के तहत मत्स्य और उद्यानिकी को एकीकृत करते हुए 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में प्रदर्शन इकाइयों की स्थापना करना है। सहभागी किसानों को सहयोग प्रदान करने के लिए, भाकृअनुप-आरसीईआर ने एक लाख गुणवत्तापूर्ण मछली बीज, 800 उच्च मूल्य वाले उद्यानिकी पौधे, लगभग एक टन कृषि चूना तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों सहित महत्वपूर्ण उत्पादन आदानों की आपूर्ति की।

कार्यक्रम के अंतर्गत आठ नए किसान रुचि समूहों (एफआईजी) का गठन किया गया, जिनमें आठ विभिन्न गांवों की दस-दस महिला सदस्य शामिल हैं। इन समूहों को एकीकृत मत्स्य-उद्यानिकी कृषि प्रणाली को सफलतापूर्वक अपनाने और उसका विस्तार करने के लिए आईसीएआर-आरसीईआर के विशेषज्ञों द्वारा निरंतर वैज्ञानिक मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और क्षेत्र स्तरीय परामर्श प्रदान किया जाएगा।
संवादात्मक सत्र के दौरान किसानों ने अपनी वर्तमान कृषि पद्धतियों में आने वाली चुनौतियों को साझा किया और कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत व्यावहारिक प्रौद्योगिकियों तथा कृषि व्यवसाय के अवसरों की सराहना की। इस अवसर पर प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती टुनटुन सिंघा ने आशा व्यक्त की कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को अपने घरों के पीछे स्थित तालाबों का प्रभावी उपयोग कर आय सृजन करने और अपने परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में सक्षम बनाएगी।

उद्घाटन सत्र में दक्षिण त्रिपुरा जिला परिषद के सभाधिपति श्री दीपक दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में त्रिपुरा के मत्स्य उपनिदेशक श्री टिकेंद्र जमातिया तथा ऑल त्रिपुरा फार्मर क्लब के अध्यक्ष एवं अटारी जोन VII के सदस्य (आईएमसी) डॉ. पी.बी. रॉय शामिल थे, जिन्होंने सतत ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में विभिन्न संस्थानों के सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अनुप दास, निदेशक, भाकृअनुप-आरसीईआर, पटना, के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में कुल 80 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 73 महिलाएं शामिल थीं, जो उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सतत कृषि और एकीकृत कृषि व्यवसाय विकास को आगे बढ़ाने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
(स्रोत: भाकृअनुप-रिसर्च कॉम्प्लेक्स फॉर ईस्टर्न रीजन, पटना)







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