22 जून, 2026, भुवनेश्वर
डॉ. सुरभि राय, संयुक्त सचिव (समुद्री मत्स्य पालन) ने आज आईसीएआर-केन्द्रीय मीठे पानी की मत्स्य पालन अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीआईएफए), भुवनेश्वर, का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में मीठे पानी की मत्स्य पालन से संबंधित अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास तथा विस्तार गतिविधियों का अवलोकन किया। यह दौरा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा सतत मत्स्य पालन पद्धतियों को बढ़ावा देने में संस्थान के योगदान को रेखांकित करता है।
डॉ. पी.के. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएफए ने डॉ. सुरभि राय का स्वागत किया तथा उन्हें मीठे पानी की मत्स्य पालन के क्षेत्र में संस्थान की प्रमुख अनुसंधान उपलब्धियों, प्रौद्योगिकियों एवं विस्तार पहलों की जानकारी दी।

दौरे के दौरान डॉ. राय ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया। चर्चा का मुख्य विषय उन्नत मत्स्य पालन प्रौद्योगिकियों के प्रसार तथा भारत एवं पड़ोसी देशों के मत्स्य किसानों के बीच उनके व्यापक अपनाने को सुदृढ़ करने की रणनीतियाँ रहीं।
उन्होंने कौशल विकास, मोती उत्पादन एवं मोती विपणन के लिए लाभकारी मूल्य श्रृंखला की स्थापना तथा उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज के सतत उत्पादन की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मत्स्य सेतु के वीडियो मॉड्यूल को आईजीओटी कर्मयोगी (iGOT Karmayogi) से जोड़ने का भी सुझाव दिया।

डॉ. राय ने उन्नत मत्स्य नस्लों, मत्स्य बीज उत्पादन, सजावटी मछलियों तथा नवाचारी मत्स्य पालन प्रौद्योगिकियों से संबंधित विभिन्न अनुसंधान एवं प्रदर्शन इकाइयों का भी भ्रमण किया।
दौरे का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अनुसंधान, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की भावी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। संस्थान ने वैज्ञानिक नवाचार एवं प्रभावी विस्तार कार्यक्रमों के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र के विकास को निरंतर समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मीठे पानी की मत्स्य पालन अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर)







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