31 अगस्त, 2026, हैदराबाद
13 अप्रैल, 2026 को शुरू हुआ छात्र विचार-विमर्श कार्यक्रम एग्नाइट 6.0 आज ए-आईडीईए, भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद द्वारा आयोजित एक सप्ताह के बूटकैंप के साथ संपन्न हुआ।
देशभर के छात्रों से प्राप्त कुल 543 आवेदनों/व्यावसायिक विचारों में से एग्नाइट 6.0 के बूटकैंप के लिए 10 सर्वाधिक संभावनाशील टीमों का चयन किया गया। 25 से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित बूटकैंप में उनकी उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, संवादात्मक सत्र और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। छात्र नवोन्मेषकों ने विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए और अपने उद्यमों को परिष्कृत तथा आगे विकसित करने के लिए प्रतिक्रिया प्राप्त की।

अध्यक्षीय संबोधन देते हुए डॉ. आर.एम. सुंदरम, निदेशक, भाकृअनुप–एनएएआरएम और अध्यक्ष, ए-आईडीईए ने छात्रों को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया और ए-आईडीईए एवं भाकृअनुप-नार्म की ओर से हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सार्थक नवाचार किफायती, सुलभ, नैतिक, समावेशी और जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से दक्षता, विश्वसनीयता, चरित्र और सत्यनिष्ठा विकसित करने का आग्रह किया तथा उन्हें वित्तीय निवेश से आगे बढ़कर मार्गदर्शन, सहयोग और साझेदारी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

ए-आईडीईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और डॉ. रंजीत कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, भाकृअनुप–नार्म, ने कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों और परिणामों पर प्रकाश डाला तथा ए-आईडीईए के इनक्यूबेशन और एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों के माध्यम से नवोन्मेषकों को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करने की पेशकश की।
सीबीआईटी के निदेशक, नवाचार एवं इनक्यूबेशन, डॉ. उमाकांत चौधरी ने नवोन्मेषक-छात्रों के साथ बातचीत के दौरान नवाचार के सत्यापन और बौद्धिक संपदा संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)







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