एसएसकेवीके, नरेन्द्रपुर में सुंदरबन क्षेत्र के अनुसूचित जाति किसानों के लिए जागरूकता सह मेगा पादप संरक्षण इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन

एसएसकेवीके, नरेन्द्रपुर में सुंदरबन क्षेत्र के अनुसूचित जाति किसानों के लिए जागरूकता सह मेगा पादप संरक्षण इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन

7 मार्च, 2026, नरेन्द्रपुर

सस्य श्यामला कृषि विज्ञान केन्द्र, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान, नरेन्द्रपुर द्वारा पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील सुंदरबन क्षेत्र के अनुसूचित जाति (एससी) किसानों के लिए एक जागरूकता सह मेगा पादप संरक्षण इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भाकृअनुप–राष्ट्रीय समेकित कीट प्रबंधन अनुसंधान संस्थान के वित्तीय सहयोग से अनुसूचित जाति उप योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत आयोजित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य वैज्ञानिक फसल संरक्षण पद्धतियों को सुदृढ़ करना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना तथा आधुनिक कीट प्रबंधन रणनीतियों के प्रति जागरूकता और लक्षित इनपुट सहायता के माध्यम से अनुसूचित जाति किसानों की आजीविका में सुधार लाना था।

Awareness-cum-Mega Plant Protection Input Distribution Programme Organised for SC Farmers in the Ecologically Vulnerable Sundarbans Region at SSKVK, Narendrapur

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, ने कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन के क्षेत्र में लक्षित इनपुट सहायता, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से वंचित किसान समुदायों तक पहुंचने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के हस्तक्षेप विशेष रूप से महिला किसानों सहित सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ. डे ने किसानों को सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा संगठित बाजार चैनलों से जोड़कर बाजार संपर्क और मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इससे छोटे स्तर के प्रयासों को व्यवहार्य और बैंक योग्य आजीविका अवसरों में विकसित किया जा सकता है, जिससे पश्चिम बंगाल में सतत सामाजिक-आर्थिक विकास और समावेशी ग्रामीण प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।

Awareness-cum-Mega Plant Protection Input Distribution Programme Organised for SC Farmers in the Ecologically Vulnerable Sundarbans Region at SSKVK, Narendrapur

आरकेएमवीईआरआई के महाराज सुमित्रा ने भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला, जो क्षेत्र में अनुसूचित जाति किसानों के बीच आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में सहायक हैं।

कार्यक्रम में कुल 100 किसान एवं महिला किसानों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को पादप संरक्षण इनपुट प्रदान किए गए तथा पर्यावरण अनुकूल और प्रभावी फसल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु समेकित कीट प्रबंधन (आपीएम) से संबंधित विस्तृत तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)

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