14 अगस्त, 2026, गोवा
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने आज भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा में गोवा सरकार के कृषि निदेशालय द्वारा आयोजित “स्वयंपूर्ण गोवा – वोकल फॉर लोकल” पहल का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में श्री निखिल यू. देसाई, आईएएस, सचिव (कृषि), गोवा सरकार; डॉ. परवीन कुमार, निदेशक, भाकृअनुप–सीसीएआरआई; श्री चंद्रहास नाईक देसाई, निदेशक, कृषि निदेशालय, गोवा; और डॉ. सुरेश कुंकलीकर, प्राचार्य, गोवा कृषि महाविद्यालय सहित गोवा सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुख, भाकृअनुप–सीसीएआरआई और कृषि निदेशालय के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी, एसोचैम के प्रतिनिधि तथा प्रेस और मीडिया के सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. परवीन कुमार के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपस्थित लोगों को गोवा के समृद्ध कृषि और जैविक संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और टिकाऊ उपयोग के माध्यम से “वोकल फॉर लोकल” की परिकल्पना में भाकृअनुप–सीसीएआरआई के योगदान से अवगत कराया। भाकृअनुप–सीसीएआरआई के एसीटीओ (फार्म अधीक्षक) डॉ. विनोद ए. उबारहांडे ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें स्थानीय गोवा जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्थान की पहलों को रेखांकित किया गया। इसमें स्थानीय फसलों और सब्जियों, देशी मवेशियों, भैंस और बकरी सहित पशुधन, मुर्गी पालन, देशी मत्स्य पालन और अन्य स्थानीय रूप से महत्वपूर्ण कृषि संसाधनों को शामिल किया गया। प्रस्तुति में प्रौद्योगिकी विकास और संवर्धन, स्थानीय उत्पादन प्रणालियों को मजबूत करने, क्षमता निर्माण और किसानों को सहायता प्रदान करने की दिशा में संस्थान के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
श्री निखिल यू. देसाई, आईएएस, सचिव (कृषि), गोवा सरकार, ने गोवा की समृद्ध सब्जी विविधता पर प्रकाश डाला और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल सब्जियों की किस्मों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी हितधारकों और गोवा के लोगों से इस मूल्यवान कृषि विरासत को पहचानने और इसके संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सावंत ने गोवा की जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन में भाकृअनुप–सीसीएआरआई के प्रयासों तथा “वोकल फॉर लोकल” पहल को दिए जा रहे पूर्ण समर्थन की सराहना की। उन्होंने गोवा के लोगों से “स्थानीय उगाएं, स्थानीय बेचें और स्थानीय खाएं” का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से गोवा के किसानों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और कारीगरों के लिए अधिक अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों और हितधारकों से इस पहल को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर इसकी पहुंच सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
भाकृअनुप–सीसीएआरआई के विभिन्न प्रभागों द्वारा एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें स्वयंपूर्ण गोवा – वोकल फॉर लोकल के उद्देश्यों के अनुरूप प्रौद्योगिकियों, उत्पादों, नवाचारों और हस्तक्षेपों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में गोवा में स्थानीय संसाधनों, टिकाऊ कृषि, उद्यमिता और आजीविका को बढ़ावा देने के अवसरों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम ने आत्मनिर्भर गोवा की साझा परिकल्पना की दिशा में गोवा सरकार, भाकृअनुप–सीसीएआरआई और अन्य हितधारकों को एक साथ आने के लिए एक मंच प्रदान किया। गोवा के कृषि निदेशालय के निदेशक श्री चंद्रहास नाईक देसाई ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)







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