ICAR–RCER Patna organizes tree plantation drive on the occasion of ‘Hariyali Amavasya’

ICAR–RCER Patna organizes tree plantation drive on the occasion of ‘Hariyali Amavasya’

12 अगस्त, 2026, पटना

हरियाली अमावस्या, जो हरियाली, समृद्धि और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक एक मानसून पर्व है, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर आईसीएआर–पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर (आरसीईआर), पटना ने अपने मुख्यालय, पटना तथा अपने केन्द्र एफएसआरसीएचपीआर (एपआरसीएचपीआर), रांची, कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), रामगढ़ और कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), बक्सर में वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चलाए गए सामूहिक वृक्षारोपण अभियान का सीधा प्रसारण भी शामिल था, जिसे संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा।

ICAR–RCER Patna organizes tree plantation drive on the occasion of ‘Hariyali Amavasya’

इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया और लोगों को सतत भविष्य के लिए हरित संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया। मुख्यालय, पटना, उसके केन्द्र तथा दो कृषि विज्ञान केन्द्रों में कुल 64 फलदार एवं बहुउद्देशीय वृक्षों के पौधे लगाए गए। इन पौधों में आम, कटहल, चकोतरा (पोमेलो), इमली तथा वाटर एप्पल शामिल थे, जिन्हें उनके पोषण, पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व को ध्यान में रखते हुए चुना गया था। यह पहल “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अनुरूप की गई, जिसके अंतर्गत संस्थान के विभिन्न केंद्रों तथा किसानों के खेतों में अब तक 6,000 से अधिक वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

ICAR–RCER Patna organizes tree plantation drive on the occasion of ‘Hariyali Amavasya’

संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सुदृढ़ और सतत भविष्य के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता है, जहाँ वृक्ष लगाना और उनकी उचित देखभाल दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आगे कहा कि फलदार तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल वृक्ष प्रजातियों का रोपण कृषि-जैव विविधता को सुदृढ़ करता है, विविध आहारों के माध्यम से पोषण सुरक्षा को बढ़ाता है तथा निरंतर उत्पादन और विपणन योग्य उपज के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करता है। साथ ही यह कार्बन अवशोषण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, सूक्ष्म जलवायु विनियमन तथा जल संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ भी प्रदान करता है।

कार्यक्रम में संस्थान तथा उसके विभिन्न केंद्रों के 110 से अधिक कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर, पटना)

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