कार्य के प्रमुख क्षेत्र

कार्य के प्रमुख क्षेत्र

• समझौते: समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और कार्य योजनाओं के प्रस्तावों की जांच करना, मंजूरी प्राप्त करना तथा नवीनीकरण और समाप्ति की निगरानी करना।
• बहुपक्षीय सहयोग: कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में ब्रिक्स (BRICS), जी20 (G20), बिम्सटेक (BIMSTEC), आसियान (ASEAN), सार्क (SAARC), इब्सा (IBSA) और क्वाड (Quad) में भारत की भागीदारी का समर्थन करना।
• सीजीआईएआर साझेदारी: सीजीआईएआर केन्द्रों के साथ समझौतों और संयुक्त कार्य योजनाओं का समन्वय करना।
• गतिशीलता: ऑनलाइन विदेशी यात्रा प्रबंधन प्रणाली (FVMS) के माध्यम से भाकृअनुप वैज्ञानिकों के विदेशी प्रतिनियोजन की प्रक्रिया पूरी करना तथा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की यात्राओं को सुगम बनाना।
• क्षमता निर्माण तथा फेलोशिप: अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप, विदेशी छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां एवं साझेदार देशों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
• सहयोगात्मक परियोजनाएं: भाकृअनुप संस्थानों द्वारा कार्यान्वित बाहरी रूप से वित्त पोषित अनुसंधान परियोजनाओं को सुगम बनाना।

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