टमाटरों में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने तथा कटाई उपरांत होने वाली हानियों को कम करने के उद्देश्य से 20% टमाटर गूदे (पल्प) से युक्त एक कार्यात्मक रेडी-टू-सर्व (आरटीएस) टमाटर आधारित पेय विकसित किया गया, जिसे पोषण, संवेदी तथा एंटीऑक्सीडेंट गुणों को बढ़ाने के लिए पादप-आधारित जड़ी-बूटियों से कार्यात्मक अवयवों के रूप में समृद्ध किया गया।
विविध उपभोक्ता प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तथा न्यूनतम रासायनिक योजकों के साथ अधिक स्वास्थ्यवर्धक पेय विकल्प उपलब्ध कराने के लिए पारंपरिक तथा वैकल्पिक मिठास प्रणालियों का उपयोग करते हुए उत्पाद के दो संस्करण मानकीकृत किए गए। 14-15° ब्रिक्स (Brix) टीएसएस (टीएसएस) वाला यह विकसित पेय अत्यधिक नाशवान टमाटरों को दीर्घकाल तक सुरक्षित रहने वाले, मूल्य संवर्धित तथा कार्यात्मक पेय में परिवर्तित करने का एक नवीन दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें महत्वपूर्ण व्यावसायिक संभावनाएँ हैं।

विकसित पेय ने प्रशीतित परिस्थितियों में 2.5 माह तक अच्छी भंडारण स्थिरता तथा प्रमुख जैव-सक्रिय यौगिकों के संरक्षण का प्रदर्शन किया, जिसका आकलन 35 दिनों के त्वरित शेल्फ लाइफ परीक्षण के माध्यम से किया गया। अनुकूलित फॉर्मूलेशन में प्रशीतित भंडारण (14°C) के दौरान टमाटर के प्रमुख कैरोटेनॉयड लाइकोपीन की मात्रा लगभग 1.35 से घटकर 0.88 मि.ग्रा./100 ग्राम तक बनी रही। कार्यात्मक अवयव प्रणाली के रूप में जड़ी-बूटियों के समावेशन ने कैरोटेनॉयड्स तथा अन्य एंटीऑक्सीडेंट घटकों के बेहतर संरक्षण में योगदान दिया, जिससे भंडारण के दौरान पोषण गुणवत्ता तथा समग्र कार्यात्मक गुणों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ।
उत्पाद की फिनोलिक सामग्री 155-128 माइक्रोग्राम जीएई/ग्राम के बीच रही, जबकि भंडारण अवधि के दौरान फ्लेवोनॉयड सामग्री 34.0-23.0 माइक्रोग्राम क्यू /ग्राम के बीच दर्ज की गई। टाइट्रेटेबल अम्लता, जो स्वाद, सूक्ष्मजीवी स्थिरता तथा टमाटर पेयों के संरक्षण को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानदंड है, प्रशीतित भंडारण के दौरान लगभग 0.28% से बढ़कर 0.33% तक धीरे-धीरे बढ़ी। हालांकि, यह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा निर्धारित अनुशंसित सीमाओं के भीतर ही रही।

उत्पाद की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता का मूल्यांकन डीपीपीएच अवरोधन प्रतिशत के आधार पर किया गया, जो 88% से 81% के बीच रही, जिससे इसकी उत्कृष्ट एंटीऑक्सीडेंट क्षमता का संकेत मिलता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण है। विकसित प्रौद्योगिकी कार्यात्मक टमाटर आधारित पेय के व्यावसायीकरण के लिए अत्यंत संभावनाशील है तथा टमाटर के उपयोग में विविधता लाने, कटाई उपरांत हानियों को कम करने और सब्जी-आधारित स्वास्थ्यवर्धक पेयों के लिए बाजार अवसरों का विस्तार करने की एक प्रभावी रणनीति प्रदान करती है। साथ ही, यह पोषण सुरक्षा में सुधार तथा सब्जी प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने में भी योगदान देती है।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, जाखिनी, वाराणसी)







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