केन्द्रीय कृषि मंत्री के साथ लाइव संवाद में किसान कल्याण, रबी की तैयारी और कृषि विस्तार को मजबूत करने पर जोर: भाकृअनुप-सीआईएफआरआई ने भाग लिया

केन्द्रीय कृषि मंत्री के साथ लाइव संवाद में किसान कल्याण, रबी की तैयारी और कृषि विस्तार को मजबूत करने पर जोर: भाकृअनुप-सीआईएफआरआई ने भाग लिया

13 सितंबर, 2026, बैरकपुर

भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर ने आज केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित लाइव ऑनलाइन सत्र में भाग लिया। सत्र में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की प्रमुख उपलब्धियों, जारी पहलों और उभरती प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें विशेष रूप से किसानों के कल्याण, आय में वृद्धि, टिकाऊ आजीविका और आगामी रबी मौसम की तैयारी पर जोर दिया गया। मंत्री ने जोर दिया कि रबी 2026–27 की तैयारी किसानों के साथ सहभागी तरीके से की जाएगी, जिसमें किसानों को उपयुक्त प्रौद्योगिकियों, गुणवत्तापूर्ण इनपुट और वैज्ञानिक परामर्श समय पर उपलब्ध कराने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, श्री चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विश्वसनीय केंद्र बनाने और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि उपयुक्त वैज्ञानिक सलाह तथा आधुनिक प्रौद्योगिकियां स्थानीय स्तर पर किसानों को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कर्मचारी-केंद्रित सुधारों, रिक्त पदों के विरुद्ध समयबद्ध भर्ती तथा राज्य सरकारों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से केवीके को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को मजबूत करने तथा कृषक समुदायों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान, नवाचारों और प्रौद्योगिकियों के प्रभावी प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। मंत्री ने दोहराया कि किसानों की समृद्धि सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

लाइव संवाद के बाद, भाकृअनुप-सीआईएफआरआई में उपस्थित किसानों और हितधारकों के साथ मत्स्य क्षेत्र में उभरते अवसरों पर चर्चा की गई, जिसमें प्रौद्योगिकी अपनाने, विविधीकरण, उत्पादकता बढ़ाने, मूल्यवर्धन और टिकाऊ आजीविका के अवसरों पर जोर दिया गया। इस संवाद ने किसानों की आवश्यकताओं को समझने और मत्स्य अनुसंधान एवं नवाचारों को व्यावहारिक, आय-सृजन करने वाले अवसरों में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान किया।

भाकृअनुप-सीआईएफआरआई की भागीदारी ने टिकाऊ आजीविका, बेहतर मछली उत्पादन और पोषण सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक अंतर्देशीय मत्स्य पालन, प्रौद्योगिकी प्रसार और किसान-केंद्रित हस्तक्षेपों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। संस्थान कृषक समुदायों के लिए मत्स्य अनुसंधान और नवाचारों को व्यावहारिक प्रौद्योगिकियों तथा समाधानों में परिवर्तित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है, जिससे समृद्ध और आत्मनिर्भर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान दिया जा सके।

भाकृअनुप -सीआईएफआरआई परिसर, बैरकपुर में डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, आईसीएआर-सीआईएफआरआई के मार्गदर्शन में कुल 43 हितधारकों, जिनमें 32 किसान शामिल थे, ने लाइव संवाद में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर)

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