केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जलगांव में केला उत्पादकों एवं हितधारकों से किया संवाद

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जलगांव में केला उत्पादकों एवं हितधारकों से किया संवाद

19 मार्च, 2026, जलगांव, महाराष्ट्र

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव, में आयोजित “केला हितधारक मंथन सत्र” के दौरान केला उत्पादकों एवं अन्य हितधारकों के साथ संवाद किया। जळगांव को “भारत का केला शहर” भी कहा जाता है।

अपने संबोधन में मंत्री ने सतत केला उत्पादन के लिए वायरस एवं फ्यूजेरियम विल्ट जैसे रोगों से मुक्त, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जळगांव जिले में फ्यूजेरियम विल्ट की समस्या के समाधान हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम गठित की जाएगी। किसानों की मांग पर उन्होंने यह भी कहा कि केला फसल से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए फसल बीमा कवरेज का विस्तार किया जाएगा।

Union Agriculture Minister Shri Shivraj Singh Chouhan Interacts with Banana Growers and Stakeholders at Jalgaon

किसानों ने रोगों के प्रकोप (विशेषकर फ्यूजेरियम विल्ट एवं वायरल संक्रमण), मूल्य में उतार-चढ़ाव तथा केले के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग जैसे मुद्दे उठाए। मंत्री ने आश्वस्त किया कि बाजार संपर्क (मार्केट लिंकज) को मजबूत करने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, जिससे अचानक कीमतों में गिरावट को रोका जा सके।

अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जळगांव में क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और रिपनिंग चैंबर स्थापित किए जाएंगे, जिससे निर्यातकों को सहायता मिलेगी। उन्होंने बेहतर लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात सुविधा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सके।

कार्यक्रम से पूर्व मंत्री ने जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड में संरक्षित केला खेती इकाई का दौरा किया और जलवायु-सहिष्णु उत्पादन प्रणाली की सराहना की, जो बढ़ते तापमान, चक्रवाती हवाओं और पाले जैसी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। इस प्रणाली में जल एवं पोषक तत्वों के कुशल उपयोग के साथ रोग-मुक्त बागानों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाता है।

Union Agriculture Minister Shri Shivraj Singh Chouhan Interacts with Banana Growers and Stakeholders at Jalgaon

कार्यक्रम के दौरान आईसीएआर–राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र और जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड के बीच दो केला किस्मों—‘कावेरी पूवन’ और ‘कावेरी वामन’—के लाइसेंसिंग हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमएओ) का आदान-प्रदान किया गया। ‘कावेरी पूवन’ एक उच्च उपज वाली किस्म है (स्थानीय पूवन से लगभग 20% अधिक), जिसमें लवणीयता सहनशीलता, फ्यूजेरियम विल्ट प्रतिरोध और केले की लकीर वाला मैसूर वायरस से निजात पाई जाती है। ‘कावेरी वामन’, ग्रांडे नाइन की एक उत्परिवर्तित किस्म है, जो कम ऊंचाई वाली, शीघ्र पकने वाली, उच्च घनत्व रोपण के लिए उपयुक्त तथा तेज हवा वाले क्षेत्रों में गिरने की कम संभावना वाली है।

इस प्रोग्राम में सुश्री रक्षा खडसे, केन्द्रीय खेल राज्य मंत्री; श्री गिरीश महाजन, जल संसाधन मंत्री, महाराष्ट्र सरकार; सहायक सचिव (बागवानी), श्री प्रिय रंजन, निदेशक प्रबंध एवं राष्ट्रीय बागवानी विज्ञान बोर्ड, एमओएएफडब्ल्यू; डॉ. वी.बी. पटेल, सहायक महानिदेशक (फल और प्लांटेशन क्रॉप्स), भाकृअनुप; डॉ. आर.के. सिंह, भाकृअनुप; डॉ. आर. सेल्वराजन, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय केला अनुसंधान केन्द्र; डॉ. एस.के. रॉय भाकृअनुप-अटारी, पुणे, के साथ-साथ मंत्रालय, भाकृअनुप तथा राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल हुए।

इस मंथन सत्र में लगभग 700 किसान, निर्यातक, वैज्ञानिक एवं अन्य केला हितधारकों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय केला अनुसंधान केन्द्र, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु)

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