केवीके कूचबिहार मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को प्रतिष्ठित एनएबीएल मान्यता प्राप्त, कृषि गुणवत्ता आश्वासन में स्थापित किया नया मानदंड

केवीके कूचबिहार मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को प्रतिष्ठित एनएबीएल मान्यता प्राप्त, कृषि गुणवत्ता आश्वासन में स्थापित किया नया मानदंड

28 जुलाई, 2026, कूचबिहार / कोलकाता

कृषि प्रसार एवं वैज्ञानिक गुणवत्ता आश्वासन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), कोलकाता, के अधिकार क्षेत्र अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र (यूबीकेवी), कूचबिहार की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल 226 – सरकारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को मान्यता देने के लिए विशिष्ट मानदंड के अंतर्गत एनएबीएल मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। प्रयोगशाला को प्रमाणपत्र संख्या NABL-GSTL-00614 प्रदान किया गया है, जो किसानों के लिए मृदा परीक्षण सेवाओं की विश्वसनीयता एवं भरोसे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी दक्षता तथा सटीक, विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य मृदा विश्लेषण प्रदान करने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है। इससे किसानों का मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन पर विश्वास बढ़ने की अपेक्षा है, जिसके परिणामस्वरूप मृदा स्वास्थ्य में सुधार, फसल उत्पादकता में वृद्धि, उर्वरकों का संतुलित उपयोग तथा सतत कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह उपलब्धि उस समर्पित यात्रा का परिणाम है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी, जब भाकृअनुप- अटारी, कोलकाता ने राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्रों में क्षमता निर्माण हेतु कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की थी। इन गहन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रयोगशाला कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप) प्रदान किया गया। साथ ही, दस्तावेजीकरण को सुदृढ़ करने, मानकीकृत संचालन प्रक्रियाओं, उपकरण अंशांकन, आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण तथा सतत सुधार की प्रक्रियाओं को बढ़ावा देकर गुणवत्ता संस्कृति को मजबूत किया गया।

इस अवसर पर भाकृअनुप-अटारी, कोलकाता के निदेशक ने कहा, “केवीके कूचबिहार की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को प्राप्त एनएबीएल मान्यता आईसीएआर प्रसार प्रणाली के लिए गर्व का विषय है, जो गुणवत्ता, वैज्ञानिक उत्कृष्टता और किसान-केंद्रित सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सिद्ध करती है कि क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य गुणवत्ता मानकों के अनुपालन के माध्यम से सरकारी प्रयोगशालाएं तकनीकी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं। हम एनएबीएल के निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और आशा करते हैं कि यह उपलब्धि अन्य मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी प्रत्यायन प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी, साथ ही यह भी स्वीकार करती है कि सतत सुधार के माध्यम से इन मानकों को बनाए रखना ही सफलता का वास्तविक मापदंड है। यह एनएबीएल मान्यता एनएबीएल-अटारी, कोलकाता की गुणवत्ता-आधारित, परिणामोन्मुख कृषि प्रसार को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने, किसानों के विश्वास को बढ़ाने और दीर्घकालिक कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”

KVK Cooch Behar Soil Testing Laboratory Conferred Prestigious NABL Recognition, Setting a New Benchmark in Agricultural Quality Assurance

केवीके कूचबिहार को प्राप्त यह मान्यता केवल एक प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत वैज्ञानिक अनुशासन, संस्थागत प्रतिबद्धता और सामूहिक दृढ़ता का परिणाम है। प्रत्येक सत्यापित विश्लेषणात्मक प्रक्रिया, अंशांकित उपकरण, सावधानीपूर्वक संधारित अभिलेख तथा सुधारात्मक कार्रवाई ने प्रयोगशाला के विश्लेषणात्मक परिणामों में विश्वास स्थापित करने में योगदान दिया है। अंततः यह विश्वास किसानों को मृदा उर्वरता प्रबंधन के संबंध में सूचित निर्णय लेने तथा पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता प्रदान करता है।

यह उपलब्धि मजबूत संस्थागत सहयोग के महत्व को भी दर्शाती है। तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा गुणवत्ता आश्वासन पहलों के माध्यम से एनएबीएल द्वारा प्रदान किया गया निरंतर सहयोग प्रयोगशाला को कठोर मान्यता मानकों को पूरा करने के लिए तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। केवीके कूचबिहार की सफलता से अन्य सरकारी मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी मान्यता प्राप्त कर उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की अपेक्षा है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाते हुए विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि मान्यता यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है। एनएबीएल मानकों को बनाए रखने के लिए अटूट ईमानदारी, निरंतरता, नियमित गुणवत्ता निगरानी तथा सतत सुधार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता आवश्यक है। प्रयोगशाला सेवाओं में उत्कृष्टता किसी एक बार की उपलब्धि से नहीं, बल्कि प्रत्येक अवलोकन, विश्लेषण और निर्णय में गुणवत्ता के प्रति अनुशासित अनुपालन से कायम रहती है।

केवीके कूचबिहार को प्राप्त एनएबीएल मान्यता भारत में गुणवत्ता-आधारित कृषि सेवाओं पर बढ़ते जोर का प्रमाण है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह उस विश्वास का प्रतीक है, जिसे वैज्ञानिक उत्कृष्टता किसानों और अन्य हितधारकों के बीच स्थापित कर सकती है। जैसे-जैसे कृषि प्रयोगशालाएं अपनी तकनीकी दक्षता और सेवा मानकों को मजबूत करती जाएंगी, ऐसे मील के पत्थर देशभर में सुदृढ़ कृषि प्रणालियों के निर्माण, खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने तथा सतत कृषि विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)

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