26 फरवरी, 2026, जम्मू
आज जम्मू एवं कश्मीर में जम्मू क्षेत्र के केवीके हेतु “किसान सारथी: विषयवस्तु निर्माण, प्रदर्शन तथा सलाहकारी सेवा” पर एक क्षेत्रीय संवेदीकरण तथा क्षमता निर्माण कार्यशाला केवीके, जम्मू, में आयोजित किया गया। कार्यशाला का मकसद किसानों को समय पर वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सलाह देने में किसान सारथी प्लेटफॉर्म के असरदार इस्तेमाल हेतु हितधारकों की क्षमता को सुदृढ़ करना था।
श्री अमरीश वैद, निदेशक, विस्तार शिक्षा, एसकेयूएएसटी-जम्मू, ने बताया कि किसान सारथी पारंपरिक कृषि विस्तार तरीकों से डिजिटल विस्तार सेवा की ओर एक बड़ा बदलाव को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि जहां किसान पारंपरिक रूप से दिशा-निर्देश तथा भरोसे के लिए केवीके जाते थे, वहीं अब किसान सारथी ऐप दूर-दराज के इलाकों सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए सलाह देने में मदद करता है। जम्मू के उपोष्णकटिबंधीय से समशीतोष्ण क्षेत्रों तक, जिसमें वर्षा-आधारित क्षेत्र तथा कंडी इलाके शामिल हैं, अलग-अलग तरह के कृषि-जलवायु हालात का ज़िक्र करते हुए उन्होंने स्थान-विशिष्ट तकनीकी की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने साफ़ किया कि किसान सारथी मौजूदा विस्तार प्रणाली की जगह नहीं लेता, बल्कि उसे पूरा करता है। उन्होंने विषय-वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) तथा विशेषज्ञ से किसानों तक सही और समय पर सलाह पहुंचाने को कहा।

श्री पुनीत चौधरी, हेड, केवीके, जम्मू, ने किसानों को सलाह और कॉल सर्विस के लिए किसान सारथी विशेषज्ञ ऐप का अच्छे से इस्तेमाल करने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी टीम के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने एवं प्लेटफ़ॉर्म के सबसे अच्छे इस्तेमाल के लिए जानकारी माँगने के लिए बढ़ावा दिया।
तकनीकी सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने किसान सारथी विशेषज्ञ ऐप के नए फ़ीचर्स के बारे में विस्तार में बताया। उन्होंने सलाह देने के निर्बाध रूप से चलने की तकनीकी, विशेषज्ञ की भूमिकाएं तथा ज़िम्मेदारियाँ, और एकीकृत वीडियो कॉलिंग एवं कॉन्फ्रेंसिंग कार्यविधि के बारे में बताया। संवादात्मक चर्चाओं से प्रतिभागियों को प्लेटफ़ॉर्म के प्रक्रिया से संबंधित पहलुओं के बारे में साफ़ जानकारी मिली।
किसान सारथी कोष पर एक खास सेशन में कंटेंट मानक, स्वीकृति तंत्र पर फ़ोकस किया गया और कंटेंट बनाने और उसे फैलाने के प्रोसेस को दिखाया गया। सलाह की गुणवत्ता, उपयोगिता तथा वैज्ञानिक प्रमाणिकरण सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया। प्रतिभागियों को केएस कोष का इस्तेमाल करके जगह के हिसाब से और किस्मों के हिसाब से सलाह बनाने की व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दी गई, जिसके दौरान उन्होंने विशेषज्ञ सलाह में सलाह हेतु एक मसौदा तैयार किया और उसे बेहतर बनाया।

कार्यशाला के डिजिटल सलाह पहुंच को मजबूत करने तथा असरदार तरीके से जमीन पर उतारने की रणनीति पर खास बातचीत के साथ खत्म हुई। इस प्रोग्राम ने किसान सारथी 2.0 के ज़रिए किसान सेवा को बेहतर बनाने के लिए केवीके हितधारकों की क्षमता को काफी बढ़ाया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, ज़ोन-I, PAU कैंपस, लुधियाना)







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