31 मई, 2026, भोपाल
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 134वें एपिसोड को आज आईसीएआर–केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सिफे), भोपाल में सामूहिक रूप से सुना गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई सी. पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
माननीय प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों, विभिन्न राज्यों के पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय पदार्थों, केरल की नवाचारी शैक्षिक पहलों, अपनी हाल की विदेश यात्राओं से प्राप्त अनुभवों, खगोल विज्ञान एवं वैज्ञानिक जागरूकता के महत्व, गंगा डॉल्फिन संरक्षण के प्रयासों, उत्तर प्रदेश की मनोरमा नदी की सामुदायिक भागीदारी से की गई सफाई तथा युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने वाले तमिलनाडु के एक समर्पित शिक्षक की सेवाओं पर प्रकाश डाला।

सभा को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई सी. पटेल ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आय दोगुनी करने में कृषि अभियांत्रिकी प्रौद्योगिकियों तथा वैज्ञानिक हस्तक्षेपों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण तकनीकों, जल संरक्षण पद्धतियों तथा मूल्य संवर्धन उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे कृषि को अधिक टिकाऊ तथा लाभकारी बनाया जा सके। उन्होंने किसान हितैषी तकनीकों के विकास के लिए भाकृअनुप-सीआईएई के वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी सराहना की। माननीय राज्यपाल ने किसानों और ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता, कृषि स्टार्टअप तथा ड्रोन और ड्रिप तकनीक जैसी प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया, ताकि आजीविका में सुधार हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सके। उन्होंने एससीएसपी किसानों को कृषि टूल किट भी वितरित किए।
डॉ. सी.आर. मेहता, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएई, भोपाल, ने कृषि अभियांत्रिकी, कृषि मशीनीकरण, कटाई-पश्चात प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, परिशुद्ध कृषि, मूल्य संवर्धन तथा किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास के क्षेत्र में संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और योगदानों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न भागों से आए 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया और कृषि से संबंधित विभिन्न तकनीकी हस्तक्षेपों पर वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने एससीएसपी कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को कृषि टूल किट वितरित किए, जिससे जमीनी स्तर पर उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने को और प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी हितधारकों ने विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप कृषि विकास, तकनीकी नवाचार, सतत कृषि और किसानों की समृद्धि के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
इस कार्यक्रम ने खेल, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रयासों को प्रस्तुत कर प्रतिभागियों को प्रेरित किया तथा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए सामूहिक सहभागिता की भावना को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, किसानों, विद्यार्थियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल)







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