6 जनवरी, 2026, भुवनेश्वर
डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, (डेयर), एवं महानिदेशक (भाकृअनुप), ने आज भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर, का दौरा किया तथा इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों और स्टाफ के साथ बातचीत की।
डॉ. जाट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समावेशी और टिकाऊ कृषि विकास हासिल करने के लिए महिला-केन्द्रित एवं मांग-आधारित रिसर्च बहुत ज़रूरी है। वैज्ञानिकों से बातचीत करते हुए, उन्होंने इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, डिजिटल टूल्स का ज़्यादा इस्तेमाल और सफलता की कहानियों के डॉक्यूमेंटेशन को बढ़ावा दिया, यह दिखाते हुए कि भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए टेक्नोलॉजी कैसे कृषि-खाद्य सिस्टम में महिलाओं की प्रोडक्टिविटी, इनकम और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर रही हैं। उन्होंने कृषि में महिलाओं के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य पार्टनर्स के साथ सहयोग करके रिसर्च प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

भाकृअनुप के महानिदेशक ने भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए, भुवनेश्वर, से सपोर्ट एवं हैंड-होल्डिंग पाने वाली सफल महिला एफपीओ लीडर्स के साथ भी बातचीत की। मीटिंग के दौरान, 2025 की सशक्ति-राजभाषा पत्रिका का पहला अंक भी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जारी किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें माननीय महानिदेशक तथा सभी गणमान्य व्यक्तियों को उनकी गरिमामयी उपस्थिति, दूरदर्शी मार्गदर्शन और विचारों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
डॉ. ए.के. नायक, उप-महानिदेशक (एनआरएम); श्री पवन जीत सिंह, निदेशक (डेयर एवं सीवीओ); श्री वमपद शर्मा, डायरेक्टर (एडमिन./लीगल); श्री सुशील कुमार सिंह, निदेशक (पर्सनल), और भाकृअनुप, नई दिल्ली के अन्य सीनियर अधिकारी भी इस बातचीत मीटिंग के दौरान मौजूद थे।

डॉ. मृदुला देवी, डायरेक्टर, भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा संस्थान के मकसद, मुख्य रिसर्च उपलब्धियों एवं जेंडर-रिस्पॉन्सिव टेक्नोलॉजी, क्षमता निर्माण तथा पॉलिसी सपोर्ट के जरिए महिला किसानों को सशक्त बनाने में इसके योगदान के बारे में बताया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर)







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