24 अगस्त, 2026, रोहतक
प्रो. के.वी. राजू, सदस्य, नीति आयोग और डॉ. जे.के. जेना, उप-महानिदेशक (मत्स्य पालन), भाकृअनुप, ने आज भाकृअनुप-सीआईएफई रोहतक केन्द्र का दौरा किया।
प्रो. राजू ने देश के विभिन्न अंतर्देशीय लवणीय राज्यों में सतत आईएसए के लिए एक व्यापक रोडमैप की आवश्यकता से अवगत कराया, जिसे राज्य मत्स्य विभाग के परामर्श से तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने केन्द्र को राज्य-विशिष्ट अवसरों, मुद्दों, तकनीकी आवश्यकताओं और सतत आईएसए को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेपों को रेखांकित करते हुए एक रोडमैप तैयार करने की सलाह दी।

डॉ. जेना ने आईएसए में स्थिरता प्राप्त करने के लिए संसाधन मानचित्रण और विविधीकरण सहित संभावित हस्तक्षेप के क्षेत्रों का सुझाव दिया।
डॉ. एन.पी. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, मुंबई के साथ क्षेत्रीयन केन्द्र के वरिष्ठ अधिकारी और नोडल अधिकारी भी दौरे के दौरान उपस्थित थे। दौरे का उद्देश्य चल रही गतिविधियों की समीक्षा करना और देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अंतर्देशीय लवणीय जलीय कृषि (आईएसए) से जुड़ी संभावनाओं तथा चुनौतियों को समझना था।

गणमान्य व्यक्तियों ने रोहतक के तीन झींगा फार्मों का दौरा किया तथा किसानों के साथ बातचीत की और क्षेत्र में अंतर्देशीय लवणीय जलीय कृषि को बढ़ावा देने के लिए संभावित रणनीतियों पर चर्चा की। डॉ. एम. ए. पठान, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्र के प्रभारी अधिकारी ने केंद्र की प्रमुख गतिविधियों और आईएसए को बढ़ावा देने में इसके योगदान पर प्रकाश डालते हुए एक प्रस्तुति दी।
गणमान्य व्यक्तियों ने केंद्र में पी. मोनोडॉन संस्कृति का अवलोकन किया और किसानों को आनुवंशिक रूप से उन्नत कॉमन कार्प के बीज वितरित किए।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, रोहतक केन्द्र)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें