सिट्री हब, भाकृअनुप–सीसीआरआई, नागपुर द्वारा ‘सिट्रीसारथी 5.0’ सिट्री-उद्यमी विकास कार्यक्रम का किया आयोजन

सिट्री हब, भाकृअनुप–सीसीआरआई, नागपुर द्वारा ‘सिट्रीसारथी 5.0’ सिट्री-उद्यमी विकास कार्यक्रम का किया आयोजन

6 मार्च, 2026, नागपुर

भाकृअनुप-केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, के कृषि-व्यवसाय इनक्यूबेशन केन्द्र सिटी हब ने आज “सिट्रीसारथी 5.0” नामक सिट्री-उद्यमी विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नींबु वर्गीय फलों (सिट्रस) के क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता एवं नव-उद्यम संस्कृति को बढ़ावा देना तथा युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहित करना था।

मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पी.एम. पडोले, पूर्व निदेशक, विश्वश्वरैया रा,ट्रीय तकनीकी अनुसंधान, नागपुर, ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने प्रतिभागियों को सिट्रस क्षेत्र में तकनीक-आधारित उद्यमों में उभरते अवसरों की खोज करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. पाडोले ने बौद्धिक संपदा संरक्षण के माध्यम से नवाचारों को सुरक्षित रखने पर अपने अनुभव और विचार साझा किए तथा तकनीकी विकास और एग्रीबिजनेस गतिविधियों में नैतिक मानकों को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।

CitriHub, ICAR-CCRI, Nagpur Organizes ‘Citriसारथि 5.0’ Citripreneurship Development Programme

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. दिलीप घोष, भाकृअनुप–सीसीआरआई ने सिट्रीप्रेन्योरशिप, तकनीकी नवाचार एवं बौद्धिक संपदा संरक्षण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला, जो एक गतिशील तथा सतत कृषि-व्यवसाय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में सहायक हैं। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विज्ञान-आधारित एग्रीबिजनेस क्षेत्रों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया। साथ ही, भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और उद्यमियों को समर्थन देने के लिए किए जा रहे सक्रिय प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में 33 प्रतिभागियों, जिनमें छात्र भी शामिल थे, ने भाग लिया और सिट्रस कृषि (सिट्रिकल्चर) एवं संबद्ध क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों के बारे में सीखने में गहरी रुचि दिखाई। विशेषज्ञ सत्रों में उद्यमिता विकास और बौद्धिक संपदा प्रबंधन पर व्याख्यान दिए गए, जिनमें स्टार्टअप विकास, नवाचार प्रबंधन तथा नई तकनीकों के संरक्षण और व्यवसायीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

कार्यक्रम में भारत में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सिट्रस आधारित उद्योगों के लिए तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने में नवोन्मेषकों की संभावित भूमिका पर भी जोर दिया गया।

CitriHub, ICAR-CCRI, Nagpur Organizes ‘Citriसारथि 5.0’ Citripreneurship Development Programme

 

‘सिट्रीसारथी’ जैसे प्रयासों के माध्यम से सिट्री हब साइट्रस इकोसिस्टम में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमिता विकास को निरंतर बढ़ावा दे रहा है तथा युवाओं को साइट्रस वैल्यू चेन में भविष्य के उद्यमी बनने के लिए सशक्त बना रहा है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, नागपुर)

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