श्री जॉर्ज कुरियन ने भाकृअनुप-सीआईसीएफआर, भीमताल का किया दौरा

श्री जॉर्ज कुरियन ने भाकृअनुप-सीआईसीएफआर, भीमताल का किया दौरा

26 अप्रैल, 2026, भीमताल

श्री जॉर्ज कुरियन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री ने आज भाकृअनुप-केन्द्रीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान, भीमताल, उत्तराखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया, जिनमें रेनबो ट्राउट के लिए रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस), फिश फीड मिल, एक्वेरियम तथा प्रयोगशालाएं शामिल हैं।

मंत्री ने वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और किसानों के साथ मन की बात के 133वें संस्करण को भी सुना। अपने संबोधन में उन्होंने शीतजल मत्स्य पालन में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं एवं उद्यमियों को नवाचार तथा तकनीक आधारित एक्वाकल्चर मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संरचित सहायता प्रणाली, इनक्यूबेशन सुविधाएं और वित्तीय पहुंच से पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और ग्रामीण आय को बढ़ाया जा सकता है।

Shri George Kurian, Visits ICAR-CICFR, Bhimtal

ट्राउट मछली के विपणन पर उन्होंने कुशल आपूर्ति श्रृंखला, ब्रांडिंग रणनीति तथा कोल्ड-चेन अवसंरचना विकसित करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने मूल्य संवर्धन, विशेषकर रेडी-टू-ईट और प्रोसेस्ड ट्राउट उत्पादों की संभावनाओं को भी रेखांकित किया, जिससे शहरी बाजारों तक पहुंच बढ़ाई जा सके।

इसके अलावा, उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उनके लाभों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया, खासकर दूरस्थ शीतजल क्षेत्रों के किसानों के लिए। विस्तार सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

Shri George Kurian, Visits ICAR-CICFR, Bhimtal

मंत्री ने ट्राउट पालन में IoT आधारित प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने की सराहना की और कहा कि ये तकनीक जल गुणवत्ता, फीडिंग और सिस्टम दक्षता की रीयल-टाइम निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने इन्हें उत्पादकता, स्थिरता और सटीक एक्वाकल्चर को बढ़ाने के लिए आवश्यक बताया। इस दौरान उन्होंने मछली किसानों से प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संवाद भी किया।

इस अवसर पर स्थानीय मछली किसानों के एक समूह ने भी मंत्री से बातचीत की। उत्तराखंड राज्य मत्स्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में भाग लिया। श्री कुरियन ने संस्थान की अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की सराहना करते हुए वैज्ञानिकों को शीतजल मत्स्य पालन के विकास में उनके योगदान के लिए बधाई दी।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान, भीमताल)

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