8 जनवरी, 2026, चेन्नई
श्री राम नाथ ठाकुर, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, ने आज भाकृअनुप-केन्द्रीय खाराजल जीवपालन संस्थान, चेन्नई, का दौरा किया तथा न्यू एज श्रिम्प फार्मिंग फैसिलिटी, फिन फिश हैचरी, श्रिम्प हैचरी एवं फीड मिल सहित प्रमुख अनुसंधान और उत्पादन सुविधाओं की समीक्षा की।
मंत्री ने वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की और खारे पानी के एक्वाकल्चर अनुसंधान को आगे बढ़ाने में उनके समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भाकृअनुप-सीबा द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन देश के सभी क्षेत्रों के किसानों तक पहुँचने चाहिए, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे अंदरूनी राज्यों के गरीब तथा सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्वाकल्चर टेक्नोलॉजी का समावेशी प्रसार ग्रामीण विकास, किसान कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देगा साथ ही खाद्य सुरक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाएगा।
डॉ. कुलदीप के लाल, निदेशक, भाकृअनुप-सीबा ने खारे पानी के एक्वाकल्चर क्षेत्र में भाकृअनुप-सीबा के प्रमुख योगदानों का अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें 1-35 पीपीटी की लवणता सीमा में पाले जाने वाली खारे पानी की प्रजातियों पर अनुसंधान पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने आजीविका को मजबूत करने हेतु प्रजातियों के विविधीकरण, उत्पादकता वृद्धि, बीज की गुणवत्ता में सुधार तथा किसान-अनुकूल टेक्नोलॉजी के विकास पर संस्थान के फोकस पर भी ज़ोर दिया।
वैज्ञानिकों ने मंत्री को देश में टिकाऊ, जलवायु-लचीले और आर्थिक रूप से व्यवहार्य खारे पानी के एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और अनुसंधान पहलों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर, भाकृअनुप-सीबा से तकनीकी सहायता के साथ तमिलनाडु में एक केकड़ा हैचरी की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किया गया, जो केकड़ा बीज उत्पादन को मजबूत करने और तटीय एक्वाकल्चर में विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय खाराजल जीवपालन संस्थान, चेन्नई)







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