16-17 फरवरी, 2026, मोहनपुर
बिधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय (बीसीकेवी), मोहनपुर, के विस्तार शिक्षा निदेशक (डीईई) ने भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल के कृषि विज्ञान केन्द्रों के हेड, विशिष्ट विषय के विशेषज्ञ (एसएमएस) और फार्म मैनेजर के लिए ‘टिकाऊ फसल उत्पादन के लिए बेहतर तकनीकी: चुनौतियां और अवसर’ विषय पर दो दिन का मानव संसाधन विकास कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रोग्राम में विस्तार में डिजिटल कृषि, बढ़ते जलवायु खतरों के बीच खेती, ऑर्गेनिक फसल उत्पादन तकनीक, हाइड्रोपोनिक्स और हाई-टेक बागवानी, छोटी फलों की फसलों को बढ़ावा देना, और एडवांस्ड पेस्ट कंट्रोल 2.0 स्ट्रेटेजी जैसे आज के मुख्य विषयों को शामिल किया गया।

डॉ. अशोक कुमार पात्रा, कुलपति, वीसीकेवी, ने केवीके के वैज्ञानिकों के लिए इस महत्वपूर्ण एचआरडी पहल को सफलतापूर्वक होस्ट करने के लिए आयोजकों की सराहना की तथा ग्रामीण विकास को मजबूत करने में इसके महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की उभरती चुनौतियों को देखते हुए जगह के हिसाब से तकनीकी को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर दिया, ताकि खेती की मजबूत और टिकाऊ ग्रोथ पक्की हो सके।
प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, कोलकाता, ने खेती में बदलाव के लिए क्षमता निर्माण और सतता को दो अहम बातें बताया, जिससे पर्यावरण में तालमेल के साथ-साथ ज़्यादा उत्पादकता भी मिलती है। उन्होंने खेती में बेहतरीन काम के लिए रिसोर्स का सही इस्तेमाल, तकनीकी पर आधारित एक्सटेंशन, मजबूत बाजार जुड़ाव तथा किसानों की लगातार ट्रेनिंग पर ज़ोर दिया, साथ ही किसान सारथी तथा भारत-विस्तार जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए डिजिटल खेती की पहल को आगे बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया, ताकि किसानों को जानकारी देने, रियल-टाइम सलाह देने और डेटा पर आधारित फैसले लेने में मदद मिल सके।
डॉ. एस.बी. गोस्वामी, रजिस्ट्रार, बीसीकेवी, ने आज की खेती की चुनौतियों के हिसाब से पूरी फसल मैनेजमेंट की रणनीतियों पर बात की।
डॉ. पल्लब दत्ता, निदेशक, डीईई, बीसीकेवी, ने केवीके के कर्मचारियों की तकनीकी जानकारी तथा फील्ड में असरदार होने को मजबूत करने में ऐसे प्रोग्राम की अहमियत पर ज़ोर दिया।

इस प्रोग्राम में पश्चिम बंगाल के केवीके से 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, उन्होंने तकनीकी बातचीत और संवादात्मक सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने कृषि उत्पादन व्यवस्था की गुणवत्ता, अनुकूलती और आय सृजन को बेहतर बनाने के मकसद से बेहतर प्रबंधन व्यवस्था पर व्यवहारिक, क्षेत्र आधारित सलाह दी।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता)







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